AYODHYA VERDICT

मंदिर, मस्जिद को लेकर अयोध्या में जहां कई दशकों तक विवाद चला, वहीं वहां से महज 50 किलोमीटर दूर गोंडा जिले का वजीरगंज सामाजिक सौहार्द और सहिष्णुता की मिसाल पेशकर रहा है। यहां हिन्दू-मुस्लिम एक दूसरे का सम्मान कर अपनी सहिष्णुता का परिचय देते हैं।

पिछले दिनों राम मंदिर के मुद्दे पर असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। अब उन्होंने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर(एनआरसी) को लेकर नया ट्वीट किया है।

सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा है कि वह ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के अयोध्या जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के फैसले से खुद को अलग कर रहा है। बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा, "हम कोई पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेंगे।"

बोर्ड की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में माना कि विवादित भूमि पर नमाज पढ़ी जाती थी और गुंबद के नीचे जन्मस्थान होने के कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर फैसले समझ के परे है।

गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की ये दूसरी पारी उनके राजनीतिक जीवन की आखिरी पारी होगी। अब अयोध्या में राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया है तो अब गिरिराज सिंह ने नया ऐलान किया है

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल खड़े करने वाले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने एक ट्वीट कर कहा है कि उन्हें मस्जिद वापस चाहिए।

वसीम रिजवी ने राम मंदिर निर्माण के लिए 51 हजार का दिया चेक दिया है। यूपी शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने 'वसीम रिज़वी फिल्म्स' की तरफ से  राम मंदिर निर्माण के लिए 51000 का चेक सौंपा है।

श्री श्री ने कहा, 'ये पहला मौका था जब राष्ट्रीय महत्व से जुड़ा एक अहम मुद्दा मध्यस्थता के लिए रखा गया। पहले मध्यस्थता संपत्ति अधिकार या कॉर्पोरेट मामलों में हो चुकी है लेकिन इतने इतने बड़े पैमाने वाले मुद्दे पर नहीं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में मुसलमानों की खातिर पांच एकड़ जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।यह जमीन मस्जिद के निर्माण के लिए दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक सरकार अयोध्या की 14 कोसी सीमा के बाहर ही इस जमीन की तलाश कर रही है।

सूबे में बीते ढाई साल में शनिवार को पहला मौका था जब पूरे प्रदेश में एक भी हत्या, लूट, अपहरण, बलात्कार और डकैती जैसी कोई वारदात नहीं हुई। इस तरह से फैसले के दिन यूपी पूरी तरह से अपराधमुक्त रहा।