AYODHYA VERDICT

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि इस बात के सबूत हैं कि अंग्रेजों के आने से पहले हिंदू राम चबूतरा, सीता रसोई की पूजा करते थे।

भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने शनिवार को कहा कि इस बात के स्पष्ट सबूत हैं कि हिंदू मानते हैं कि भगवान राम विवादित स्थान पर पैदा हुए थे। उन्होंने यह बात खचाखच भरे अदालत कक्ष में अयोध्या भूमि विवाद का एकमत फैसला पढ़ते हुए कही।

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की मोदी सरकार से कहा है कि, नरेंद्र मोदी सरकार तीन महीने के अंदर स्कीम लाए और ट्रस्ट बनाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, यह ट्रस्ट अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करेगा।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, 'देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें।'

अयोध्या फैसला आने के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागववत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। उन्होंने कहा कि, हम सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह मामला दशकों से चल रहा था और यह सही निष्कर्ष पर पहुंच गया है।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, "अयोध्या पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय ऐतिहासिक है। इस फैसले से भारत का सामाजिक तानाबाना और मजबूत होगा।"

अयोध्या मामले पर शनिवार को फैसला सुना रहे सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की पीठ के अध्यक्ष प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा कि मामले का फैसला पीठ के सभी सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से लिया जाएगा।

देश के सबसे पुराने केस में से एक अयोध्या विवाद पर शनिवार को फैसला आ गया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में संवैधानिक पीठ ने फैसला सुनाते हुए निर्मोही अखाड़ा और शिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज कर दिया है।

मुस्लिम पक्ष के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन फैसले में कई विरोधाभास है, लिहाजा हम फैसले से संतुष्ट नहीं है।

अयोध्या राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने से पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोगों से एकता की सदियों पुरानी परंपरा कायम रखने की अपील की।