ayodhya

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, "अयोध्या पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय ऐतिहासिक है। इस फैसले से भारत का सामाजिक तानाबाना और मजबूत होगा।"

देश के सबसे पुराने केस में से एक अयोध्या विवाद पर शनिवार को फैसला आ गया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में संवैधानिक पीठ ने फैसला सुनाते हुए निर्मोही अखाड़ा और शिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज कर दिया है।

अयोध्या राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने से पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोगों से एकता की सदियों पुरानी परंपरा कायम रखने की अपील की।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर आने वाले फैसले को लेकर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला सभी को मानना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का जो भी फैसला हो वो सबको मान्य होना चाहिए।

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट शनिवार को फैसला सुनाएगा, और मामले को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

अयोध्या भूमि विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट शनिवार को अपना फैसला सुनाने वाला है। इस बीच, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनता से फैसले को जीत और हार के भाव से नहीं लेने की अपील की है।

दशकों से चले आ रहे अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाने के पहले स्थिति पर निगरानी रखने के लिए राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद रहेंगे।

हुप्रतीक्षित अयोध्या मामले में आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। इसे देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के बहुत ज्यादा इंतजाम किए गए हैं। इस समय अयोध्या पूरी तरह अभेद किले में तब्दील कर दी गई है। फैसले को देखते हुए हर प्रकार की सतकर्ता बरती जा रही है। रात को नए सिरे से हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।

केंद्र ने उत्तर प्रदेश की मदद के लिए चार हजार अर्धसैनिक बल भेजे हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गृह मंत्रालय ने 40 कंपनी अतिरिक्त सुरक्षा बल उत्तर प्रदेश को उपलब्ध कराए हैं। उत्तर प्रदेश में तत्काल प्रभाव से धारा 144 लागू कर दी गई है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा 'अयोध्या पर आज सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ रहा है। पिछले कुछ महीनों से सुप्रीम कोर्ट में निरंतर इस विषय पर सुनवाई हो रही थी, पूरा देश उत्सुकता से देख रहा था। इस दौरान समाज के सभी वर्गों की तरफ से सद्भावना का वातावरण बनाए रखने के लिए किए गए प्रयास बहुत सराहनीय हैं।'