ayodhya

काफी सालों से चली आ रही अयोध्या मामले को लेकर बड़ी खबर यह है कि, सुप्रीम कोर्ट 9 नवंबर को अपना फैसला सुना सकता है। सभी को इतंजार था कि, कब अयोध्या मामले को लेकर फैसला आएगा।

अयोध्या में भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले राममंदिर के लिए पत्थर तराशने के रूके काम पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सफाई दी है। विहिप का कहना है कि पत्थर तराशी का काम अनवरत चलने वाला है।

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के 17 नवंबर को सेवानिवृत्त होने से पहले अयोध्या मामले के संभावित फैसले के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।

अयोध्या में विशेष तौर पर ड्रोन से सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या के चप्पे-चप्पे की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। यहां सुरक्षा को लेकर पहले से हाई अलर्ट है। जगह-जगह जवानों की तैनाती की गई है, ताकि कोई घटना ना घटें। 

कार्तिक महीने में अयोध्या श्रद्धालुओं से भर चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक 15 से 20 लाख श्रद्धालु अयोध्या में मौजूद हैं। अयोध्या इस समय हाईअलर्ट पर है।

देश में मुसलमानों के प्रमुख संगठन जमीयत उलेमा ए हिन्द ने बुधवार को कहा कि राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर उच्चतम न्यायालय का फैसला उसे स्वीकार्य होगा। साथ ही संगठन ने मुस्लिमों से फैसले का सम्मान करने की अपील भी की।

अयोध्या राम जन्मभूमि(राम मंदिर) विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई समाप्त होने के बाद अब इस मामले में फैसले का इंतजार है। इसपर फैसले को ध्यान में रखते हुए दोनों ही पक्षों की तरफ से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की जा रही है।

अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के पहले संघ समरसता बनाये रखने की कोशिशें कर रहा है। वह समाज में समरसता बनाये रखने की तमाम कवायद कर रहा है । इसी सिलसिले में आज आरएसएस के प्रतिनिधियों ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट से कभी भी फैसला आ सकता है और अयोध्या में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की अधिक तैनाती हुई है। अयोध्या के विवादित जमीन को लेकर अदालत में काफी सालों से ये केस चल रहा था और अब लोगों को उम्मीद है इस पर फैसला आ जाएगा

अयोध्या विवाद के संभावित फैसले व कार्तिक मेले को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है। इस सिलसिले में जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने पुलिस लाइन के ग्राउंड में संयुक्त बैठक की।