Ayurveda

स्वीडन में रह रहे भारतीय वैज्ञानिक राम उपाध्याय का मानना है कि कोरोनावायरस की कारगर वैक्सीन और दवा अगले साल की पहली तिमाही तक आ सकती है।

अमेरिका में कोरोना से कोहराम मचा हुआ है। संक्रमण के मामले में अमेरिका विश्व में पहले नंबर पर है। ऐसी स्थिति में कोरोना से बचने के लिए अमेरिका अब आयुर्वेद की शरण में आ रहा है।

आयुष मिशन ने अपने एप 'आयुष कवच' के माध्यम से मरीजों को घर बैठे इलाज की सुविधा प्रदान करनी शुरू कर दी है। एप के माध्यम से फोन करके आयुर्वेद, यूनानी व होम्योपैथी विशेषज्ञों से बीमारियों से बचाव लिए सलाह ली जा सकती है।

कोरोना के इलाज के लिए अभी तक न तो कोई दवा मिली है और न ही कोई वैक्सीन मिली है। इस बीच आयुष मंत्रालय ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद के साथ मिलकर कोरोना वायरस से लड़ने के लिए 4 महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के क्लिनिकल ट्रायल शुरू करेगा।

समुदाय की भागीदारी और पहल के लिए प्रशंसा और आभार ने पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन को चिह्नित किया। डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स सहित अग्रिम पंक्ति के देखभालकर्ताओं द्वारा किए गए असाधारण कार्यों पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने शिक्षण समुदाय के कार्य की भी जमकर सराहना की।

कोरोना आज विश्वव्यापी महामारी का रूप ले चुका है। इस वायरस की अभी तक कोई दवा न होने से लोगों में काफी दहशत है।

कोरोनावायरस महामारी के दौर में बचाव ही सबसे बड़ा हथियार है। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर इस वायरस के खतरे को कम किया जा सकता है।

ज्योतिष शास्त्र ग्रहों के चलन, उनके समागम या वियोग से सामान्य जन जीवन, पृथ्वी व मनुष्य जाति पर होने वाले शुभाशुभ प्रभावों का निर्धारण तथा उससे होने वाले परिवर्तनों (सुख-दुख) का ज्ञान कराता है।

प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी को लेकर राष्ट्र को सावधान किया है। उन्होंने अपने 25 मिनट के भावुक सम्बोधन में प्रत्येक नागरिक से सजगता की अपील की है। उन्होंने इस महामारी से निश्चिंत होकर घूमने को उचित नहीं बताया है।

आज पूरी दुनिया जिस तरह से कोरोनावायरस के संक्रमण से कराह रही है। वैसे में हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान शिव, माता शक्ति और मां गायत्री के मंत्रों के जाप से संक्रमण के प्रभाव को कम किया जा सकता है ऐसा वेदों में वर्णित है।