Ayurveda

Right to health: गुरु मनीष(Guru Manish) ने कहा, “एनसीआर(NCR) में राइट टू हेल्थ’ ऑनलाइन याचिका शुरू करने का मुख्य उद्देश्य सिर्फ भारत सरकार का ध्यान आयुर्वेद ’को उसका सही स्थान दिलाने और एक स्वस्थ भारत’ के उद्देश्य को पूरा करने के लिए है |

Ayurveda expert Guru Manish: गुरु मनीष ने कहा, 'आज भी एक आयुर्वेदिक चिकित्सक को एक साधारण से चिकित्सा प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं है, और आयुष्मान भारत योजना के तहत परिवार को 5 लाख रुपये का सुरक्षा कवर केवल एलोपैथिक इलाज के लिए है।

स्वीडन में रह रहे भारतीय वैज्ञानिक राम उपाध्याय का मानना है कि कोरोनावायरस की कारगर वैक्सीन और दवा अगले साल की पहली तिमाही तक आ सकती है।

अमेरिका में कोरोना से कोहराम मचा हुआ है। संक्रमण के मामले में अमेरिका विश्व में पहले नंबर पर है। ऐसी स्थिति में कोरोना से बचने के लिए अमेरिका अब आयुर्वेद की शरण में आ रहा है।

आयुष मिशन ने अपने एप 'आयुष कवच' के माध्यम से मरीजों को घर बैठे इलाज की सुविधा प्रदान करनी शुरू कर दी है। एप के माध्यम से फोन करके आयुर्वेद, यूनानी व होम्योपैथी विशेषज्ञों से बीमारियों से बचाव लिए सलाह ली जा सकती है।

कोरोना के इलाज के लिए अभी तक न तो कोई दवा मिली है और न ही कोई वैक्सीन मिली है। इस बीच आयुष मंत्रालय ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद के साथ मिलकर कोरोना वायरस से लड़ने के लिए 4 महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के क्लिनिकल ट्रायल शुरू करेगा।

समुदाय की भागीदारी और पहल के लिए प्रशंसा और आभार ने पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन को चिह्नित किया। डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स सहित अग्रिम पंक्ति के देखभालकर्ताओं द्वारा किए गए असाधारण कार्यों पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने शिक्षण समुदाय के कार्य की भी जमकर सराहना की।

कोरोना आज विश्वव्यापी महामारी का रूप ले चुका है। इस वायरस की अभी तक कोई दवा न होने से लोगों में काफी दहशत है।

कोरोनावायरस महामारी के दौर में बचाव ही सबसे बड़ा हथियार है। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर इस वायरस के खतरे को कम किया जा सकता है।

ज्योतिष शास्त्र ग्रहों के चलन, उनके समागम या वियोग से सामान्य जन जीवन, पृथ्वी व मनुष्य जाति पर होने वाले शुभाशुभ प्रभावों का निर्धारण तथा उससे होने वाले परिवर्तनों (सुख-दुख) का ज्ञान कराता है।