Babri Masjid

देश के सबसे चर्चित मामलों में से एक अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए अयोध्या मंज ही 5 एकड़ जमीन देने का फैसला सुनाया।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल किया कि यदि बाबरी मस्जिद अवैध थी, तो इसे ढहाने को लेकर लालकृष्ण आडवाणी पर मुकदमा क्यों चल रहा है और अगर यह वैध थी, तो आडवाणी को जमीन क्यों दी जा रही है?

विवादित ढांचे को गिराए जाने के मामले की सुनवाई ने तेजी पकड़ ली है। उम्मीद की जा रही है कि इस पर भी जल्दी ही फैसला आ सकता है। यह मामला लखनऊ की एक विशेष सीबीआई अदालत में चल रहा है। इस मामले में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी समेत कई दिग्गज नेता आरोपी हैं।

सलमान निजामी ने कहा कि हमें मस्जिद का निर्माण करना चाहिए, एक ऐसा संस्थान भी जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों एक साथ अध्ययन कर सकते हैं। किसी कोई भी निराश होने की जरूरत नहीं है। केवल सकारात्मक ऊर्जा और विचारों से ही नफरत से निपटा जा सकता है।

अयोध्या पर ऐतिहासिक फैसला आ गया है और सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए रामलला के हक में विवादित जमीन को दिया है। इसके साथ ही मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ की जमीन अयोध्या में किसी और जगह पर दी जाएगा।

अयोध्या मामले में शनिवार को फैसला सुनाने वाली पीठ के सभी सदस्य आज रात राष्ट्रीय राजधानी स्थित होटल ताज मानसिंह में डिनर (रात्रिभोज) करेंगे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जितनी भी सुनवाई राम मंदिर को लेकर हुई उस पूरी सुनवाई के दौरान अदालत में एक शख्स हमेशा मौजूद रहे वह हैं 'विश्व हिंदू परिषद' के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय।

औवेसी ने कहा कि कांग्रेस ने अपना असली रंग दिखाया है। यदि 1949 में कांग्रेस ने दरवाजे नहीं खोले होते तो वहां मूर्तियां नहीं रखी जातीं और राजीव गांधी ने ताला नहीं खुलवाया होता तो मस्जिद आज वहीं होती।

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विवादित जमीन पर रामलला का दावा मान्य है। इस जमीन पर मंदिर निर्माण की रूपरेखा तैयार करने के लिए केंद्र सरकार को तीन महीने में ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया गया है। केंद्र सरकार ही ट्रस्ट के सदस्यों का नाम निर्धारित करेगी।

अयोध्या विवाद मामले में भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को कहा कि 'यह फैसला पहले से ही दबाए गए मुस्लिम समुदाय पर और अधिक दबाव डालेगा।'