bahujan samaj party

उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को एक और बड़ा झटका लगा है। बसपा प्रमुख मायावती के करीबी त्रिभुवन राम और पूर्व मंत्री विनोद सिंह ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। विनोद सिंह दिवंगत कांग्रेस नेता केएन सिंह के बेटे हैं। वह बसपा सरकार में मंत्री थे और सुल्तानपुर के निवासी हैं।

यूपी में समाजवादी पार्टी अब नई राह पकड़ती नजर आ रही है। वोट की खातिर सपा की ओर से अब दलितों को लुभाने की कोशिश शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी पहली बार बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का परिनिर्वाण दिवस बड़े पैमाने पर मनाएगी।

जानकारी के मुताबिक, राम जी गौतम सुबह जब मॉर्निंग वॉक पर वह 8:30 बजे पार्टी दफ्तर आ रहे थे तभी हाथों में BSP का झंडा लिए भरतपुर से आए कार्यकर्ताओं ने उन्हें पकड़कर पहले तो पीटा और फिर मुंह काला कर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में अनुच्छेद 370 को हटाने का संकल्प पेश किया। यह अनुच्छेद जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करता है। संकल्प पेश होते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया।

मायावती का सबसे बड़ा फोकस अपने दलित वोट बैंक को वापिस खींचना है। वे अब खांटी दलित राजनीति की दिशा में लौटने की कवायद में हैं।

अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ यहां से चुनाव लड़ेंगी। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, पूनम सिन्हा समाजवादी पार्टी के टिकट पर बहुजन समाज पार्टी के समर्थन से इस सीट से चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि पार्टी ने लखनऊ से किसी भी उम्मीदवार को नहीं उतारने और सिन्हा को समर्थन देने का निर्णय लिया है।

शीर्ष पद के लिए उनकी दावेदारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "जहां तक मेरे प्रधानमंत्री बनने का सवाल है तो चुनाव अभी चल रहा है। जब नतीजे आएंगे, तब स्थिति साफ हो जाएगी।"

इस लिस्ट में जिन्हें टिकट दिया गया है उनमें शाहजहांपुर से अमर चंद्र जौहर, अकबरपुर से निशा सचान का नाम शामिल है। इनके अलावा मिश्रिख से नीलू सत्यार्थी, फर्रूखाबाद से मनोज अग्रवाल, जालौन से पंकज सिंह और हमीरपुर से दिलीप कुमार सिंह को टिकट दिया गया है।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। बसपा प्रमुख ने अपने भतीजे आकाश आनंद को भी स्टार प्रचारक बनाया है। आकाश युवा चेहरा हैं और वे पार्टी से नौजवानों को जोड़ने का काम करेंगे।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा)  सुप्रीमो मायावती ने ऐलान किया है कि वह इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि अभी मेरे जीतने से ज्यादा गठबंधन की सफलता ज्यादा जरूरी है।