CAA

देशभर में जब सीएए (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा था तो एक नाम तब भी सुर्खियों में था और वह था पूर्व आईएएस अधिकारी और क​थित सेकुलर एक्टिविस्ट हर्ष मं​दर का। हर्ष मंदर बाल संरक्षण गृह (Child Protection Home) भी चलाते हैं। जिस संस्था के द्वारा ये बाल संरक्षण गृह चलाया जा रहा है उसका नाम है सेंटर फॉर इक्विटी स्टडीज (CES) और हर्ष मंदर (Harsh Mander) इसके निदेशक हैं।

Mamta Banergee: प्रेस कॉन्फ्रेंस में नागरिकता कानून(CAA) को लेकर ममता बनर्जी(Mamta Banergee) ने कहा कि भारत में जो भी रहता है वो इस देश का नागरिक है। ऐसे में मैं केंद्र को नागरिकता रद्द करने की इजाजत हरगिज नहीं दूंगी।

JP Nadda: ममता सरकार(Mamata Government) पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा कि, ममता ने राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लागू नहीं होने दिया, जिससे पश्चिम बंगाल(West Bengal) के किसानों को इस योजना के लाभ से वंचित रखा है।

Supreme Court on Shaheen Bagh: बता दें कि अब कोर्ट(Supreme Court) ने साफ कर दिया है कि प्रशासन को रास्ता जाम(Road Block) कर प्रदर्शन रहे लोगों को हटाना चाहिए, कोर्ट के आदेश का इंतजार नही करना चाहिए।

ये भी जानना ज़रूरी है की ये दंगे किन इलाक़ों में हुए। ये सभी इलाक़े मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं जिसकी पुष्टि 2011 की जनसंख्या रिपोर्ट से होती है जो ये बताती है की उत्तर पूर्वी दिल्ली के इन इलाक़ों में क़रीब 30 फ़ीसदी मुस्लिम आबादी है।

एएमयू में भड़काऊ भाषण देने वाले डॉ. कफील खान पर लगी रासुका में गृह मंत्रालय ने तीन महीने की बढ़ोतरी की है। डॉ. कफील पर 13 फरवरी को एनएसए लगाई गई थी। वह वर्तमान में मथुरा जेल में बंद हैं। कफील गोरखपुर में बच्चों के डॉक्टर रहे है। 

उन्होंने ‘द अटलांटिक’ में एक लेख लिखा है, अगर आप इस लेख में लगी तस्वीर को देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि इसमें तिरंगे झंडे का अपमान किया गया है। बीच में सफ़ेद इस अर्टिकल में फ्लैग पर अशोक चक्र की जगह कोरोनावायरस को दिखाया गया है।

कोरोनावायरस के प्रकोप से बचने के लिए लखनऊ में सीएए और एनआरसी के विरोध में हो रहा धरना प्रदर्शन खत्म हो गया है।प्रदर्शन से हटने के बाद महिलाएं धरना स्थल पर दुपट्टा छोड़कर गई है। धरने पर बैठीं महिलाओं का कहना है कि एक बार कोरोना का असर खत्म हो फिर हम दोबारा बैठेंगे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन करने वालों को सोमवार को कोरोनावायरस से भी खतरनाक बताया है।

सीएए पर मोदी सरकार के रूख के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) ने भी अपनी मंशा साफ कर दी है। सोमवार को RSS की तरफ से 5 ट्वीट किए गए, जिसमें कहा गया कि CAA नागरिकता लेने का नहीं देने का कानून है।