CAA

ये भी जानना ज़रूरी है की ये दंगे किन इलाक़ों में हुए। ये सभी इलाक़े मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं जिसकी पुष्टि 2011 की जनसंख्या रिपोर्ट से होती है जो ये बताती है की उत्तर पूर्वी दिल्ली के इन इलाक़ों में क़रीब 30 फ़ीसदी मुस्लिम आबादी है।

एएमयू में भड़काऊ भाषण देने वाले डॉ. कफील खान पर लगी रासुका में गृह मंत्रालय ने तीन महीने की बढ़ोतरी की है। डॉ. कफील पर 13 फरवरी को एनएसए लगाई गई थी। वह वर्तमान में मथुरा जेल में बंद हैं। कफील गोरखपुर में बच्चों के डॉक्टर रहे है। 

उन्होंने ‘द अटलांटिक’ में एक लेख लिखा है, अगर आप इस लेख में लगी तस्वीर को देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि इसमें तिरंगे झंडे का अपमान किया गया है। बीच में सफ़ेद इस अर्टिकल में फ्लैग पर अशोक चक्र की जगह कोरोनावायरस को दिखाया गया है।

कोरोनावायरस के प्रकोप से बचने के लिए लखनऊ में सीएए और एनआरसी के विरोध में हो रहा धरना प्रदर्शन खत्म हो गया है।प्रदर्शन से हटने के बाद महिलाएं धरना स्थल पर दुपट्टा छोड़कर गई है। धरने पर बैठीं महिलाओं का कहना है कि एक बार कोरोना का असर खत्म हो फिर हम दोबारा बैठेंगे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन करने वालों को सोमवार को कोरोनावायरस से भी खतरनाक बताया है।

सीएए पर मोदी सरकार के रूख के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) ने भी अपनी मंशा साफ कर दी है। सोमवार को RSS की तरफ से 5 ट्वीट किए गए, जिसमें कहा गया कि CAA नागरिकता लेने का नहीं देने का कानून है।

कपिल सिब्बल से अमित शाह ने सीएए को लेकर सवाल पूछ लिया और सिब्बल ने उसका जो जवाब दिया वह अब कांग्रेस के गले का फांस बनने वाली है।

राज्यसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देने आए गृहमंत्री अमित शाह ने पूरी संयमता के साथ सारे नेताओं के सवालों का जवाब दिया।

अभी तक दानिश से की गई पूछताछ में सामने आया है कि प्रतिबंधित संगठन PFI न सिर्फ CAA विरोधी आंदोलन में शामिल रहा था, बल्कि हिंसा भड़काने में भी उसकी भूमिका थी।

ताहिर हुसैन के साथ काम करने वाले बाप बेटे का दिल्ली दंगों में बड़ा रोल सामने आया है। रियासत अली और लियाकत अली नाम के इन दोनों बाप बेटों पर आरोप है कि चांद बाग में हिंसा के दौरान ये दोनों ताहिर हुसैन की छत पर मौजूद थे।