CAA Protest

भाजपा के कद्दावर नेता और राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव ने दिल्ली के दंगों पर बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि केंद्र सरकार के खिलाफ गहरी साजिश के तहत दिल्ली में विरोधियों ने दंगे करवाए।

रविवार रात दिल्ली में झूठी अफवाह फैलाने के मामले में गिरफ्तारियां शुरू हो गई हैं। दिल्ली पुलिस ने रोहिणी जिले में अफवाह फैलाने के मामले में अमन विहार के रहने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएए के विरोध में चल रहे हिंसक प्रदर्शनों की सुनवाई के दौरान बड़ा संदेश दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि हिंसात्मक गतिविधियों में लगे हुए लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने के मामले में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। उसके लिए कोर्ट के आदेश की जरूरत नहीं है।

आज अभाविप विधि संकाय इकाई के द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में छात्रों ने शहीद हेड कांस्टेबल रतन लाल, जो की सीएए विरोधी हिंसक दंगों में कानून व्यवस्था को बनाये रखने के अपने कर्तव्य का पालन करते हुए शहीद हो गए को श्रद्धांजलि अर्पित की।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और नेशनल भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में दिल्लीत ही नहीं देश भर में प्रदर्शन चल रहा है।

प्रदर्शनकारियों के इकट्ठा होने व उनके सड़क पर बैठने की वजह से इस रास्ते से लोगों की आवाजाही बंद हो गई है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने रोड नंबर 66 जाम कर रखा है, ये सड़क सीलमपुर को मौजपुर और यमुना विहार से जोड़ती है।

शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों से वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और वकील साधना रामचंद्रन आज फिर से मुलाकात करने वाले हैं। इस दौरान वे नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात भी सुनेंगे।

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक इसके तहत लोक संपत्ति के नुकसान का आंकलन करने का अधिकार हाईकोर्ट के सीटिंग या सेवानिवृत्त जज अथवा जिला जज को है।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) कोर्ट ने बुधवार को मामले में सुनवाई करते हुए 20 दिसंबर को मुजफ्फरनगर में प्रदर्शन के दौरान 'सार्वजनिक संपत्ति को हुए व्यापक नुकसान' का हवाला देते हुए यह आदेश दिया। सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है।

नागरिकता संशोधन एक्ट (सीएए) और नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन (एनआरसी) के विरोध में पिछले करीब दो महीने से जारी शाहीन बाग में प्रदर्शन पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सीधे तौर पर प्रदर्शनकारियों को हटाने का आदेश देने से इनकार कर दिया है।