Chaitra Navratri

महामारी कोरोना से पूरे देश में 21 अप्रैल तक लॉकडाउन होने के कारण स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने भगवती का पूजन विधि विधान से शुरू किया।

ऐसा माना जाता है कि चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा का जन्म हुआ था और मां दुर्गा के कहने पर ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्णाण कार्य शुरू किया था। इसलिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिंदुओं के नव वर्ष की शुरुआत भी हो जाती है।चैत्र नवरात्र के दिनों में ऋतु परिवर्तन होता है और गर्मी के मौसम की शुरूआत होती है।

चैत्र नवरात्रि के लिए घट स्थापना 25 मार्च को होगी। इसके लिए शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 19 मिनट से लेकर 07 बजकर 17 मिनट तक है। हिंदी पंचांग के मुताबित भारतीय नववर्ष की शुरू भी चैत्र प्रतिपदा से होती है। इसके अलावा चैत्र महीने में ही नवसंवत्सर की भी शुरुआत होती है।

ऐसा माना जाता है कि चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा का जन्म हुआ था और मां दुर्गा के कहने पर ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्णाण कार्य शुरू किया था। इसलिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिंदुओं के नव वर्ष की शुरुआत भी हो जाती है।

देवी की उपासना की नवरात्रि 6 अप्रैल 2019 से शुरू हो चुकी है। हर तरफ माता के दरबार में रौनक ही रौनक है। आस्था का सैलाब मंदिरों में उमड़ रहा है।

नवरात्र के प्रथम दिन घट स्थापना के साथ-साथ मां शैलपुत्री का विधिवत पूजन किया जाता है। इसी दिन से हिन्दू नववर्ष अर्थात नए संवत्सर की शुरुआत होती है।

नई दिल्ली। यदि आप लंबे समय से उपवास कर रही हैं तो इस दौरान आपको गेस्टेशनल डाइबिटीज, एनीमिया या मल्टीपल...