chandrayaan 2

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को संबोधित किया। सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को नए साल की शुभकामनाएं दी।

चंद्रयान 2 की लांचिंग के वक्त हादसे का शिकार हुए विक्रम लैंडर के मलबे को आखिर ढूंढ निकाला गया है। करीब तीन महीने बाद विक्रम लैंडर का मलबा चांद की सतह पर मिला है। इससे ढूंढने में सबसे बड़ी भूमिका चेन्नई के एक इंजीनियर ने निभाई है।

अंतरिक्ष में रुचि लेने वाले एक भारतीय द्वारा अमेरिका के ऑर्बिटिंग कैमरा से चंद्रमा की तस्वीरों का निरीक्षण करने के बाद नासा ने कहा कि उसे भारतीय चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर का दुर्घटनास्थल और मलबा मिला है।

चंद्रयान-2 मिशन को हर भारतीय ने उत्सुकता के साथ देखा। इसमें कुछ हद तक निराशा हुई जैसा कि माननीय सदस्य ने कहा। लेकिन इसे असफलता के रूप में बताया जाना अनुचित होगा।

Chandrayaan Anthem: ISRO के वैज्ञानिकों को ट्रिब्यूट, गाने के लब्ज में दिखी देशभक्ति

सॉन्ग के लिरिक्स काफी उत्साहित और मोटिवेट करने वाले है। 7 सितंबर को भारत के चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम चंद्रमा पर लैंडिंग करने वाला था। लेकिन लैंडिंग से कुछ ही दूर पहले विक्रम लैंडर का कमांड रूम से संपर्क टूट गया।

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने मंगलवार को एक बार फिर कहा कि चंद्रयान-2 ऑर्बिटर ने मून लैंडर विक्रम का पता लगा लिया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने ट्वीट किया, "चंद्रयान-2 ऑर्बिटर ने विक्रम लैंडर का पता लगा लिया है, लेकिन अभी तक उससे संपर्क नहीं हो सका है।"

भारत जापान चंद्र मिशन की योजना पहली बार 2017 में सार्वजनिक की गई थी। इसके बाद साल 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान हुए सरकारी विचार विमर्श का यह हिस्सा भी थी। चन्द्रयान-2 के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करने की सूरत में इस प्लानिंग में और भी मदद मिलती।

Chandrayaan2 की खबरों के बीच ट्रोल हो गईं आलिया भट्ट, जानें इसकी वजह

पीएम मोदी के साथ Chandrayaan2 की लैंडिंग देखेगी नौवीं की छात्रा यूसरा आलम