Chief justice of india

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के रिटायरमेंट के बाद आज नए सीजेआई ने शपथ ली। जस्टिस एस ए बोबडे ने आज देश के 47वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जस्टिस बोबडे को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। 

न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे ने सोमवार को भारत के 47वें प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें शपथ दिलाई। पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई ने 18 अक्टूबर को अपने उत्तराधिकारी के तौर पर सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति बोबडे की सिफारिश की थी।

रंजन गोगोई ने अपने कार्याकाल के आखिरी दिन सुप्रीम कोर्ट को कवर करने वाले पत्रकारों को चिट्ठी लिखी है और उनको धन्यवाद कहा है। 

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इसमें कुछ नियम भी जारी किए हैं। फैसले में कहा गया है कि CJI ऑफिस एक पब्लिक अथॉरिटी है, इसके तहत ये RTI के तहत आएगा। हालांकि, इस दौरान दफ्तर की गोपनीयता बरकरार रहेगी।

अगले 24 घंटे के भीतर एक बेहद ही महत्वपूर्ण फैसला आने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का दफ्तर आरटीआई के दायरे में आना चाहिए या नहीं इस मुद्दे पर बुधवार को फैसला आ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह और चीफ सेक्रेट्री राजेंद्र तिवारी को तलब किया है। रंजन गोगोई दोनों अफसरों से आज दिन में मिलेंगे। माना जा रहा है कि अयोध्या पर संभावित फैसले से पहले की तैयारियों को लेकर यह मुलाकात हो सकती है।

जस्टिस शरद अरविंद बोबडे सुप्रीम कोर्ट के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनके नाम पर मंजूरी दे दी है। जस्टिस बोबडे वर्तमान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की जगह 18 नवंबर को लेंगे। बोबडे के 18 नवंबर को प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे, उनका कार्यकाल 18 महीना होगा।

उच्चतम न्यायालय ने देश की सभी मस्जिदों में मुस्लिम महिलाओं को प्रवेश देने के अनुरोध संबंधी जनहित याचिका पर शुक्रवार को केंद्र सरकार से जवाब मांगा। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्रीय कानून और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने जम्मू-कश्मीर को लेकर दाखिल याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ेगी तो मैं खुद श्रीनगर जाऊंगा।

उत्‍तर प्रदेश के उन्‍नाव दुष्‍कर्म में आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर जरूरत महसूस हुई, तो उन्‍नाव दुष्‍कर्म से जुड़े सभी केस यूपी से बाहर ट्रांसफर किए जा सकते हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस केस से जुड़े सीबीआई अधिकारियों को भी तलब किया।