China

India China Dispute : भारत चीन(India-China) की आदत को भांपते हुए साफ कर चुका है कि, चीन को पहले अपने सैनिकों को पीछे करना होगा। बता दें कि पैंगोंग(Pangong) से लेकर रेजांग ला तक के इलाकों में कम से कम तीन स्थानों पर भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने डटी हुई हैं।

Indo-China Border Dispute: चीन के प्रोपेगेंडा अखबार ग्लोबल टाइम्स(Global Times) के संपादक ने इसको लेकर पहली बार माना है कि 14 जून की रात को गलवान घाटी (Galwan Valley) में भारतीय सैनिकों (Indian Army) के साथ झड़प में चीन के सैनिकों की मौत हुई है।

Chinese Vessel Entered into Indian Ocean: चीन की ये सोच सिर्फ लद्दाख(Laddakh) तक सीमित नहीं है, वो हिंद महासागर(Indian Ocean) में भी अपनी हरकतें करता आ रहा है।

Rajnath Singh statement on LAC in Parliament,संसद(Parliament) के मॉनसून सत्र(Monsoon Session) के चौथे दिन चीन सीमा विवाद के मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह(Rajnath Singh) अपने संबोधन में कहा कि, सदन इस बात से अवगत है कि भारत और चीन सीमा का प्रश्न अभी तक अनसुलझा है।

पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन में तनाव (Tension in India-China) जारी है। ऐसे में भारतीय सेना (Indian Army) का मनोबल तोड़ने के लिए अब चीन नया पैंतरा अपना रहा है।

भारत (India) और चीन (China) के बीच सीमा विवाद (Border Dispute) ने गलवान घाटी प्रकरण के बाद एक अलग ही मोड़ ले लिया है।

भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की चीनी सैनिकों(PLA) की कोशिशों को भारतीय जवानों ने लगातार विफल किया है। ऐसे में चीन अब अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) की सीमा पर नजरें गड़ा रहा है।

चीन(China) के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स(Global Times) ने कहा है कि, भारत(India) के रक्षा मंत्री का बयान उकसाने वाला है और इससे सीमा पर सर्दियों में तनाव बहुत बढ़ सकता है।

अमेरिका का प्रतिष्ठित पत्रिका न्यूजवीक ने अपने ताजा अंक में खुलासा किया है कि LAC पर बने हालात के जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं।

लद्दाख सीमा(Laddakh Border) पर भारत-चीन(Ind-china) के बीच तनाव भरे में माहौल में अब चीन अपनी एक और चाल से पूरी दुनिया के निशाने पर है। आपको बता दें कि चीन अपनी तरफ से भले ही वार्ता का राग छेड़ रहा हो लेकिन साजिशों से बाज नहीं आ रहा है।