China

चीन पर अक्सर कोरोना वायरस फैलाने का आरोप लगता रहा है और चीन दावा करता रहा है कि उसने कोई जानकारी नहीं छिपाई है। इसी बीच अब हॉन्ग-कॉन्ग की एक साइंटिस्ट ने आरोप लगाया है कि चीन को दरअसल इस बारे में पहले से पता था और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस बारे में कुछ नहीं किया।

सीमा विवाद के बीच अब चीन बैकफुट पर आ गया है। गलवान घाटी, हॉट स्प्रिंग्स इलाके को वह पहले ही खाली कर चुकी थी। अब चीनी सेना ने गुरुवार को गोगरा इलाके को भी खाली कर दिया है।

चीन के प्रमुख अंग्रेजी अखबार ने कहा है कि अमेरिका अपना प्रभाव बढ़ा रहा है और दुनिया इसका खामियाजा भुगतेगी। अमेरिका उन तमाम देशों को अपना समर्थन दे रहा है जिनसे चीन का क्षेत्रीय विवाद रहा है।

इसके लक्षण के बारे कहा जा रहा है कि, कोरोना संक्रमण में जिस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं, कुछ-कुछ इस प्लेग में लक्षण दिखाई देते हैं। इसमें  बुखार, ठंड लगना, पूरे शरीर में दर्द रहना, कमजोरी महसूस करना, उल्टी आना जैसे इसके लक्षण दिखते हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने जानकारी देते हुए कहा है कि अमेरिका ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के उन अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, जिन्होंने तिब्बत में विदेशियों के लिए नीतियों के निर्माण में काफी हद तक शामिल हैं।

भारत और चीन विवाद के बीच चीन के खिलाफ अब भारत को अमेरिका से सैन्य सहयोग मिलेगा। व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी सेना भारत और चीन के बीच या कहीं और भी संघर्ष के संबंध में उसके साथ ‘‘मजबूती से खड़ी रहेगी।’’

अमेरिका अब चीन के साथ अलग तरीके से पेश आएगा। अमेरिका की चीन को लेकर तैयारी कुछ बदलेगी ऐसा अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा है। पोम्पिओ ने कहा कि अमेरिका को चीन के साथ अब अलग तरीके से पेश आना होगा।

बॉलीवुड की क्वीन कंगना रनौत अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कुछ समय पहले लोगों से चीन के बने सामान के बहिष्कार करने की अपील की तो वहीं अब वो पीएम मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' के समर्थन में उतरीं आईं हैं।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके के मुजफ्फराबाद में लोग चीन और पकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां रहने वाले लोगों ने नीलम और झेलम नदी पर बन रहे बांध के अवैध निर्माण के खिलाफ आवाज उठाई है।

गलवान घाटी में विवाद के बिन्दु से चीन के पीछे हटने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर झाओ ने कहा, ‘‘अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिक पीछे हटने और तनाव कम करने के लिए प्रभावी कदम उठा रहे हैं और इस दिशा में प्रगति हुई है।’’