China President Xi Jinping

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण का मुकाबला करने वाले देशों और क्षेत्रों को पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण) प्रदान करने के चीन के प्रयासों का वह स्वागत करते हैं।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 19 मार्च की रात रूसी राष्ट्रपति वलादिमीर पुतिन के साथ फोन बातचीत की। इस मौके पर शी जिनपिंग ने कहा कि इस बार नोवल कोरोनावायरस निमोनिया का कहर आया है, और चीन को मुसीबतों का मुकाबला करना पड़ा है। क्योंकि यह न केवल चीनी जनता की जीवन सुरक्षा और शारीरिक स्वास्थ्य से संबंधित है, बल्कि विश्व की सार्वजनिक स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए भी अति महत्वपूर्ण है।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार की रात को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प के साथ फोन पर बातचीत की। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच प्रथम चरण का व्यापार समझोता संपन्न होने से दोनों देशों और यहां तक कि सारी दुनिया के लिए अच्छी बात है।

आरसीईपी शिखर सम्मेलन में अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'इस समझौते का मौजूदा स्वरूप RCEP की बुनियादी भावना और मान्य मार्गदर्शक सिद्धांतों को पूरी तरह जाहिर नहीं करता है। यह मौजूदा परिस्थिति में भारत के दीर्घकालिक मुद्दों और चिंताओं का संतोषजनक रूप से समाधान भी पेश नहीं करता।'

चीनी उप विदेश मंत्री मा चाओश्यू ने कहा कि चीन अनवरत विकास को अपनी मूल राष्ट्रीय नीति मानता है और पूरी तरह से 2030 अनवरत विकास कार्यसूची लागू कर रहा है।

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शुक्रवार और शनिवार को अपने दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी के साथ कई घंटों तक बातचीत के बाद चीनी राष्ट्रपति ने संबंधों को बाधित किए बिना संबंधों के निरंतर विकास के लिए 6 सूत्रीय फॉर्मूले का प्रस्ताव दिया।

इस अनौपचारिक तरीके से हुए दौरे को लेकर जिनपिंग काफी उत्साहित हैं और इसको लेकर दोनों देशों में आगे भी अनौपचारिक बातचीत के लिए सहमत बनी है। पूरी बातचीत में भारत के साथ व्‍यापारिक रिश्‍तों पर चीन ने अपनी गंभीरता दिखाई है।

11 अक्टूबर को जब चीन के राष्ट्रपति भारत दौरे पर आए तो उनके स्वागत में कोई कमी नहीं की गई। एयरपोर्ट से लेकर उनके ठहरने की जगह तक उनका भव्य स्वागत किया गया।

मिली जानकारी के मुताबिक दोनों देश इस मीटिंग के बाद अलग-अलग बयान जारी करेंगे। हालांकि दोनों नेताओं के बीच मुलाकात की वजह स्पष्ट नहीं है। कहा जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात साल 2018 में चीन के वुहान शहर में हुई वार्ता की तरह अनौपचारिक ही रहेगी।

इससे पहले इमरान खान वैश्विक मंच पर कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश कर चुके हैं। हालांकि उन्हें विश्व के नेताओं का कश्मीर के मसले पर पर्याप्त समर्थन हासिल नहीं हुआ।