citizenship amendment

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सारी सीमाएं लांघते हुए बड़ा बयान दिया है। बता दें, ममता ने कहा कि अगर भाजपा में हिम्मत है तो वह एनआरसी व सीएए पर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की निगरानी में जनमत संग्रह कराए। इसे संयुक्त राष्ट्र मॉनिटर करे।

संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने के साथ ही पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धर्म के चलते प्रताड़ित होकर भारत आए गैर-इस्लामी धर्म को छोड़कर हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों की नागरिकता का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।

इस बिल के विरोध में ओवैसी ने कहा कि, सरकार आखिर चीन के बारे में क्यों नहीं बोलती? इस बिल से देश को खतरा है। इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल के विरोध में अपनी बात रखी और कहा कि मुल्क को ऐसे कानून से बचा लीजिए।

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में तृणमूल कांग्रेस और एआईयूडीएफ सांसदों ने संसद भवन परिसर में मंगलवार को एक अनोखे...