citizenship amendment bill

नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) को समर्थन देने के मामले में जद (यू) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर पार्टी की चेतावनी के बाद भी अपने रुख से पीछे नहीं हटे हैं। उन्होंने शुक्रवार को एकबार फिर नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। ऐसे में जद (यू) अब उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।

असम के डिब्रूगढ़ नगर निगम क्षेत्र में लागू अनिश्चितकालीन कर्फ्यू में शुक्रवार को पांच घंटे की ढील दी गई, जबकि सेना और सुरक्षा बलों ने गुवाहाटी शहर में फ्लैग मार्च जारी रखा है। इससे एक दिन पहले नागरिकता(संशोधन) विधेयक(सीएबी), 2019 को लेकर हिंसक विरोध-प्रदर्शनों में दो लोगों की मौत हो गई थी।

जहां एक तरफ नागरिकता संशोधन विधेयक के राज्यसभा से पारित होने के बाद से हीं पूर्वोत्तर के राज्यों में जमकर बवाल मचा है वहीं मणिपुर में इस बिल के पास होने के बाद से ही लोग जश्न मना रहे हैं।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, 'मैं असम के भाईयों-बहनों को भरोसा दिलाता हूं कि CAB के पास होने से आप पर असर नहीं पड़ेगा। कोई भी आपका हक नहीं छीन रहा है, ये ऐसे ही जारी रहेगा।'

इस दौरान अमित शाह ने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग कह रहे हैं कि हम वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं, मैं उन सब साथियों को कहना चाहता हूं कि हमने चुनाव के पहले ही ये इरादा देश के सामने रखा था, जिसे देश की जनता ने समर्थन दिया है। कुछ लोगों द्वारा भ्रांति फैलाई जा रही है कि ये बिल मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है।

लोकसभा में सोमवार को नागरिक संशोधन बिल आसानी से पास हो चुका है। अब बुधवार को यह बिल राज्यसभा में पेश होगा। गृहमंत्री अमित शाह आज दोपहर 2 बजे संशोधन बिल राज्यसभा में पेश करेंगे। राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा की खातिर 6 घंटे का समय तय किया गया है।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की स्थायी समिति ने भारत के उस नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) से खुलकर असहमति जताई है, जिसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों के गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है।

सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल या नागरिकता संशोधन विधेयक का राज्यसभा में भारी बहुमत से पास होना तय है। सरकार ने इसलिए पूरी तैयारी कर रखी है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के गैरमुस्लिम शरणार्थियों के लिए भारत में नागरिकता का रास्ता साफ करने वाले नागरिकता संशोधन विधेयक पर अब राज्यसभा में सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।

बिहार में सत्ताधारी जनता दल (यूनाइटेड) ने मंगलवार को लोकसभा में भले ही नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन किया है, परंतु अब इसे लेकर पार्टी के अंदर ही विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। पार्टी के उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पार्टी के इस फैसले को निराशाजनक बताया है।

विपक्ष के विरोध के बावजूद सोमवार देर रात को लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास कर दिया गया। करीब 7 घंटे तक चली तीखी बहस के बाद ये बिल पास हुआ, जिसे मोदी सरकार की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।