cji ranjan gogoi

देश के सबसे चर्चित मामलों में से एक अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए अयोध्या मंज ही 5 एकड़ जमीन देने का फैसला सुनाया।

अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया यूजर्स ने निर्णय की सराहना की है। शीर्ष न्यायालय ने केंद्र सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने में ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया है।

जिलानी ने यह प्रतिक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने फैसले में अयोध्या में विवादित भूमि हिंदुओं को देने और मस्जिद के लिए मुस्लिमों को अलग से पांच एकड़ भूमि देने के बाद दी है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, 'देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें।'

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, "अयोध्या पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय ऐतिहासिक है। इस फैसले से भारत का सामाजिक तानाबाना और मजबूत होगा।"

देश के सबसे पुराने केस में से एक अयोध्या विवाद पर शनिवार को फैसला आ गया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में संवैधानिक पीठ ने फैसला सुनाते हुए निर्मोही अखाड़ा और शिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह और चीफ सेक्रेट्री राजेंद्र तिवारी को तलब किया है। रंजन गोगोई दोनों अफसरों से आज दिन में मिलेंगे। माना जा रहा है कि अयोध्या पर संभावित फैसले से पहले की तैयारियों को लेकर यह मुलाकात हो सकती है।

जस्टिस शरद अरविंद बोबडे सुप्रीम कोर्ट के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनके नाम पर मंजूरी दे दी है। जस्टिस बोबडे वर्तमान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की जगह 18 नवंबर को लेंगे। बोबडे के 18 नवंबर को प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे, उनका कार्यकाल 18 महीना होगा।

अयोध्या मामले में आज सुनवाई का अंतिम दिन है। हिंदू पक्ष ने अपनी दलील देते हुए बाबरी मस्जिद की स्थापना के तौर तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए। हिंदू पक्ष ने कहा कि इस बात का कोई भी सबूत नहीं है कि मस्जिद खाली जमीन पर बनाई गई। न ही यह साबित हो सका कि इसे बाबर ने बनवाया था।

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले में अब हिंदू पक्ष अपनी दलील पूरी कर रहा है। हिंदू पक्ष ने साफ कहा कि एक बार मंदिर बनने के बाद वह जगह हमेशा मंदिर ही रहती है। आज अयोध्या केस में 39वें दिन की सुनवाई समाप्त हुई।