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चीफ जस्टिस की अगुवाई में पांच जजों की संविधान पीठ ने 40 दिनों तक राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले पर सुनवाई की। उसके बाद फैसला रिजर्व कर लिया। सुप्रीम कोर्ट इस समय दीपावली की छुट्टी पर है। 4 नवंबर को यह फिर से खुलेगा।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर उनके बाद जस्टिस एसए बोबडे को देश का अगला मुख्य न्यायाधीश बनाने का सिफारिश की है। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी है। प्रक्रिया के अनुसार, वर्तमान सीजेआई ही अगले सीजेआई की सिफारिश करता है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने जम्मू-कश्मीर को लेकर दाखिल याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ेगी तो मैं खुद श्रीनगर जाऊंगा।

सीबीआई को लेकर सीजेआई रंजन गोगोई ने ये भी कहा कि जब मामला राजनीति से जुड़ा नहीं होता तो सीबीआई अच्छा काम करती है लेकिन जब मामला राजनीतिक हो तो जांच के लिए जरूरी मानकों को पूरा नहीं कर पाती।

योगी सरकार उन्नाव पीड़िता को दिल्ली भेजने की तैयारी में है। उसे बेहतर इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया जा सकता है। योगी सरकार उसकी स्थिति में कुछ सुधार आते ही उसे एयर एंबुलेंस के जरिए एम्स भेज सकती है।

सीजेआई ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के परिवार द्वारा उसके समक्ष 12 जुलाई को लिखे गए पत्र को पेश करने में हुई देरी को लेकर जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस कल उन्नाव केस की सुनवाई करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने मंगलवार को एक अप्रत्याशित फैसला दिया। उन्होंने सीबीआई को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन शुक्ला के खिलाफ एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए कथित तौर पर प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों का पक्ष लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत मामला दर्ज करने की मंजूरी दे दी है।

कर्नाटक के 15 बागी विधायकों के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा कि, अगर हम आपकी बात मानें, तो क्या हम स्पीकर को कोई ऑर्डर दे सकते हैं ?

सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की आंतरिक जांच समिति ने सोमवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत खारिज कर दी है। बता दें कि जस्टिस एसए बोबडे इस पैनल के अध्यक्ष जबकि जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी अन्य दो अन्य सदस्य थे।

भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोप की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शनकारी सर्वोच्च न्यायालय परिसर के बाहर एकत्र हुए।