CM Kamalnath

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को यहां सोमवार को भाजपा मुख्यालय में हुई विधायकों की बैठक में विधायक दल का नेता चुन लिया गया। शिवराज अब राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

गौरतलब है कि 25 मार्च से नवरात्र पूजा की शुरुआत भी हो रही है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो 25 मार्च को नई सरकार का शपथ ग्रहण भी हो सकता है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर शुक्रवार शाम को आयोजित होने वाली रात्रिभोज का कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया था।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद ही भाजपा ने सरकार गठन की कवायद तेज कर दी है। इसको लेकर दिल्ली से लेकर भोपाल तक बैठकों का दौर शुरू हो गया है। एक ऐसी ही बैठक दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के आवास पर हुई, जिसके बाद मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का दौर चर्चा में आया है।

बीजेपी की ओर से तय है कि शिवराज सिंह चौहान ही अगले सीएम बनेंगे। इससे पहले 15 महीने तक सरकार चलाने के बाद कमलनाथ ने इस्तीफा दे दिया। सुप्रीम कोर्ट ने शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन कमलनाथ ने पहले ही हार मान ली। अब उपचुनाव में बीजेपी के पास 10 सीटें जीतने की चुनौती होगी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट करके कहा है कि ''मध्य प्रदेश में आज जनता की जीत हुई है। इसके आलावा उन्होंने ट्वीट में लिखा मेरा सदैव ये मानना रहा है कि राजनीति जनसेवा का माध्यम होना चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार इस रास्ते से भटक गई थी। आज सच्चाई की फिर विजय हुई है। सत्यमेवजयते।''

मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सरेंडर कर दिया है। उन्होंने कहा कि 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद हमारे पास बहुमत का आंकड़ा मौजूद ही नहीं है।

मध्य प्रदेश विधानसभा में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर आज (शुक्रवार को) कमलनाथ सरकार को विश्वासमत हासिल करना होगा। वर्तमान में विधायकों का अंकगणित भाजपा के पक्ष में है। दोनों ही दलों कांग्रेस और भाजपा ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर बुधवार तक जवाब मांगा है, जो (शिवराज) विधानसभा में फौरन फ्लोर टेस्ट कराने की मांग कर रहे हैं।

कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 22 विधायक बेंगलुरु में हैं। इनमें 6 मंत्री भी थे। इन सभी 22 विधायकों ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

प्रश्नपत्र के प्रश्न संख्या-4 में सही जोड़ी में मिलाने को लेकर आजाद कश्मीर का विकल्प दिया गया है। वहीं, प्रश्न संख्या-26 में भारत के मानचित्र में 'आजाद कश्मीर' दर्शाने के लिए कहा गया है। विद्यार्थियों के बीच इस सवाल को लेकर असमंजस और उहापोह जैसी स्थिति हो गयी।