CM Kamalnath

वर्तमान विधानसभा की स्थिति पर गौर करें तो पता चलता है, राज्य में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं है। राज्य की 230 सीटों में से 228 विधायक हैं, दो सीटें खाली हैं। कांग्रेस के 114 और भाजपा के 107 विधायक हैं। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार निर्दलीय चार, बसपा के दो और सपा के एक विधायकों के समर्थन से चल रही है।

मध्य प्रदेश में ऑपरेशन लोटस को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और व्हिसिल ब्लोअर डॉक्टर आनंद राय के बीच सरकार गिराने को लेकर चर्चा हो रही है। खुद आनंद राय ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा कि हॉर्स ट्रेडिंग में भाजपा एक्सपोज जनमत को खरीदने की जुगत में भाजपा।

इसके बाद देर रात सूचना मिली कि भाजपा ने बसपा विधायक रमाबाई, कुछ कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों को गुरुग्राम के एक होटल में रखा है। इसके बाद भोपाल से कांग्रेस के मंत्री जीतू पटवारी और जयवर्धन को दिल्ली के लिए रवाना किया गया।

ज्ञात हो कि, दिग्विजय सिंह ने सोमवार को नेता शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा पर मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के विधायकों को राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए 25 से 35 करोड़ रुपये देने का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि, भगवा पार्टी पांच करोड़ रुपये एडवांस जबकि शेष राशि कुछ हिस्सों में दे रही है।

हालाकि स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी करते ही अब कांग्रेस विवादों में फंस गई है। दरअसल सिख दंगो को लेकर आरोप झेल रहे है कमलनाथ को कांग्रेस की स्टार प्रचारक लिस्ट में शामिल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है।

मध्यप्रदेश में शराब की दुकानों का दायरा बढ़ाए जाने के फैसले के बाद से सियासी भूचाल आया हुआ है। लेटरवार चल पड़ा है, वार-पलटवार का दौर जारी है, इसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री कमलनाथ आमने-सामने हैं।

मध्यप्रदेश में इन दिनों शराब के ठेकों को लेकर बवाल मचा हुआ है। कमलनाथ सरकार की राज्य में शराब की उपदुकान खोलने की इजाज़त की कार्यवाही पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

इस तरीके का धरना प्रदर्शन दुनिया का सबसे अनोखा धरना प्रदर्शन है। जिसमें तांत्रिक और मंत्र का हो रहा इस्तेमाल किया गया। यह मामला मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार छात्रों के खिलाफ असहिष्णु हो गई है। मध्य प्रदेश के माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के 23 छात्रों को निकाल दिया गया है। यह छात्र संस्थान के दो प्रोफ़ेसर की जातिवादी टिप्पणी के विरोध में धरने पर थे।

भोपाल गैस पीड़ितों के हक की लड़ाई लड़ने वाले अब्दुल जब्बार का गुरुवार की देर रात को निधन हो गया। वे बीते कुछ दिनों से बीमार थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। राजधानी भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्टरी से दो दिसंबर 1984 की रात को रिसी जहरीली मिथाइल आइसोसाएनेट गैस ने हजारों लोगों की जान ले ली थी।