CM Uddhav Thackeray

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए उद्धव ठाकरे सरकार ने लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लिया है। राज्य में 31 जुलाई तक लॉकडाउन लागू रहेगा। इससे पहले 30 जून तक के लिए लॉकडाउन बढ़ाया गया था।

मुख्यमंत्री ने चल रहे महामारी के मद्देनजर सभी डॉक्टरों और निजी अस्पतालों से अपनी सेवाएं शुरू करने की अपील की। इसके साथ ही, मुंबई पुलिस ने लोगों से सख्ती से दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह करते हुए रविवार को हैशटैगमिशनबिगिनअगेन के तहत कई उपायों की घोषणा की।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र में हर दिन 38 हजार कोरोना टेस्ट की क्षमता है लेकिन सिर्फ 14 हजार टेस्ट हो रहे हैं। मुंबई में ही 12 हजार टेस्ट प्रतिदिन की क्षमता है लेकिन चार हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं। सरकार कम टेस्ट करके कोरोना के केस कम रखना चाहती है।'

अस्पतालों से वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया (वीटीएम) के जरिए होने वाले स्वैब टेस्ट के लिए 2200 रुपये लिए जांएगे जबकि घर से सैंपल लेने पर मरीजों को 2,800 रुपये लिए जाएंगे।

याचिकाकर्ताओं के एक समूह, जूना अखाड़ा के सभी पुजारियों और पीड़ितों के कुछ रिश्तेदारों ने शीर्ष अदालत को बताया कि उन्हें महाराष्ट्र सरकार या पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है।

उद्धव ठाकरे ने चेतावनी दी है कि अगर नियमों का पालन नहीं किया जाएगा तो फिर से लॉकडाउन लागू किया जा सकता है। उद्धव ठाकरे ने कहा, 'कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है, ऐसे में अगर भीड़ का जुटना जारी रहा तो लॉकडाउन को अभी और आगे बढ़ाया जा सकता है। ढील दी गई है, इसे बर्बाद न करें।'

ठाकरे ने कहा कि 'पंचनामा' तैयार करने का काम, जिसे दो दिनों के भीतर करने का आदेश दिया गया था, उसमें लंबा वक्त लग सकता है क्योंकि लिए नुकसान काफी ज्यादा है।

राउत ने अप्रत्यक्ष रूप से संभावित राजनीतिक संकट की ओर इशारा करते हुए कहा, "विपक्ष को अभी भी कोरोना के लिए टीका और उद्धव ठाकरे की सरकार को गिराने के लिए खुराक खोजना बाकी है लेकिन प्रयास जारी हैं।"

नामांकन दाखिल होने के बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, "नौ एमएलसी सीटों पर चुनाव निर्विरोध होगा। हमने कांग्रेस नेतृत्व के साथ चर्चा की कि यह चुनाव का समय नहीं बल्कि कोविड-19 महामारी से मुकाबला करने का समय है। उन्होंने हमारे अनुरोध का सम्मान किया और अपने दूसरे उम्मीदवार को वापस ले लिया।"

उद्धव ठाकरे ने यह भी बताया कि जो भी पॉजिटिव मरीज मिल रहे है उनमें कोरोना पॉजिटिव बहुत कम और सौम्य लक्षण वाले ही मिले हैं। बहुत बार ऐसा भी हुआ है कि पहले ये मरीज पॉजिटिव आये है और बाद में निगेटिव। 70 से 75 प्रतिशत सौम्य लक्षण वाले मरीज है। हम गंभीरता से सभी चीज़ों पर नज़र रख रहे है।