CM Yogi Adityanath

पीयूष गोयल ने ट्वीट कर लिखा, 'अपने स्नेह, और प्रेम से मुझे हमेशा राह दिखाने वाली मेरी पूज्य माता जी का आज सुबह स्वर्गवास हो गया। उन्होंने अपना पूरा जीवन सेवा करते हुए बिताया, और हमें भी सेवाभाव से जीवन बिताने को प्रेरित किया। ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों मे स्थान दें। ॐ शांति।'

मालूम हो कि दूसरे प्रदेशों से अब तक करीब 30 लाख से अधिक कामगार एवं श्रमिक अब तक वापस आ चुके हैं। इनमें से करीब 24 लाख के स्किल की मैपिंग हो चुकी है।

उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ में सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने इस हादसे में घायल हुए लोगों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य उपकरणों को लाने के लिए स्टेट प्लेन की मदद ली जा रही है। लेकिन योगी सरकार के कार्यकाल में यह पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले वह दो बार मेडिकल इक्विपमेंट मंगाने के लिए वह अपना सरकारी जहाज बैंगलोर और गोवा भेज चुके हैं।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सेटिस्फेक्शन का शुद्ध प्रतिशत 73.96 है, जो कि अधिकांश बड़े राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। उन्होंने कहा, सेटिस्फेक्शन का शुद्ध प्रतिशत कर्नाटक में 67.21 प्रतिशत, असम में 67.17 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 58.73 प्रतिशत, गुजरात में 58.53 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 57.81 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि देश के अन्य राज्यों से वापस हुए प्रवासी 1212 श्रमिकों को 16. 696 मीट्रिक टन खाद्यान्न उपलब्ध करवा कर प्रदेश सरकार ने अपनी सहृदयता दिखाई है। इनमें 440 शहरी श्रमिकों में 6. 409 मीट्रिक टन और ग्रामीण क्षेत्र के 772 श्रमिकों को उपलब्ध कराया गया 10.287 मीट्रिक टन खाद्यान्न शामिल है। इन्हें भी चावल, चना के साथ गेहूं दिया गया है।

सीएम के निर्देश पर देहातों में ग्राम प्रधान निधि से निराश्रितों को एक हजार रूपए व राशन दिया जाएगा। शहरों में नगर निकाय को निराश्रितों को खाद्यान्न व एक हजार रुपये देने की ज़िम्मेदारी दी गयी है।

आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के उत्पाद चीन के लिए चुनौती बनेंगे। यह सब होगा प्रदेश की 90 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम औद्योगिक इकाईयों के जरिए। इन्हीं इकाईयों के जरिए प्रदेश को कई उत्पादों के मैन्यूफैक्चरिंग का हब बनाने का लक्ष्य है। फिर तो देश ही नहीं पूरी दुनिया में ब्रांड यूपी की धूम होगी।

उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में कोविड-19 और सामान्य मरीजों की भर्ती से संबंधित व्यवस्थाएं देखीं। इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों को किस तरह से रेड, येलो और ग्रीन जोन में भेजा जाता है इसके बारे में मुख्यमंत्री ने विस्तार से जानकारी ली।

योगी सरकार हर कामगार/श्रमिक को बीमा की सुरक्षा देने जा रही है। प्रदेश में एक जनपद के कामगार व श्रमिक को दूसरे जनपद में रोजगार मिलने पर सरकार उनकी आवासीय व्यवस्था भी करेगी।