CM Yogi Adityanath

इसी कड़ी में योगी बसों के संचालन को देखने और यात्रियों का हालचाल लेने के लिए लखनऊ के अवध चौराहे पर पहुंच गए और यात्रियों से बात की। ये यात्री  बसों द्वारा कानपुर, गोरखपुर, बस्ती और फैजाबाद की ओर जा रहे थे। 

प्रदेश के 27.5 लाख मनरेगा मजदूरों के खाते में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुल 611 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने की मजदूरों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचात भी की।

योगी सरकार ने इस 11 सदस्यीय कमेटी को अलग अलग ज़िम्मेदारी सौंपी है। इनमें मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी अंतरराज्यीय मामलों और भारत सरकार के साथ संवाद बनाने और शिक्षा व सेवायोजन से जुड़े लोगों के लिए काम कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन द्वारा इस संबंध में सभी मंडलायुक्तों, डीएम, एसएसपी और एसपी को निर्देश जारी किये गए हैं। सुचारू रूप से इनकी आपूर्ति जारी रहे इसके लिए इनको बनाने वाली कंपनियों, लोडिंग एवं अनलोडिंग में लगे श्रमिकों और इनके परिवहन में लगे वाहन भी छूट के दायरे में आएंगे। इसी तरह की छूट कटाई में प्रयुक्त कंबाईन हार्वेस्टर और इस दौरान जरूरी श्रमिकों पर भी होगी।

यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए बेहद ही संवेदनशील है। इसी को देखते हुए यूपी में पान मसाले को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इससे पहले समूचे यूपी में लॉक डाउन के आदेश भी दे दिए गए हैं।

रामलला का नया सिंहासन साढ़े नौ किलो चांदी से बनवाकर अयोध्या राज परिवार के मुखिया विमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को समर्पित कर दिया है।

जनसंख्या नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है। सरकार द्वारा देश के अलग-अलग राज्यों में इस पर हुए काम का अध्ययन किया जा रहा है। वहां की स्थिति को समझते हुए प्रदेश में अगला कदम उठाया जाएगा।

देशभर में फैले कोरोनावायरस को रोकने की खातिर योगी आदित्यनाथ सरकार ने अचूक तैयारियां की हैं। समय से पहले ही योगी सरकार इस खतरनाक वायरस को लेकर अलर्ट थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए डेढ़ महीने पहले ही तैयारी शुरू कर दी गयी थी। पैरामेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग भी कराई गयी।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सीएए विरोधी प्रदर्शकारियों के लगाए गए वसूली के पोस्टर पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है और इस मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया है।

अदालत ने कहा, "बिना कानूनी उपबंध के नुकसान वसूली के लिए पोस्टर में फोटो लगाना अवैध है। यह निजता के अधिकार का हनन है। बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए किसी की फोटो सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करना गलत है।"