CM Yogi Adityanath

उन्होंने कहा कि संबंधित राज्यों की सरकारों से संपर्क कर सभी को घरों तक सुरक्षित पहुंचाने की विस्तृत कार्य योजना तैयार हो रही है, इसलिए जहां हैं, वहीं रहें। राज्य सरकारों के संपर्क में रहें, पैदल ना चलें। साथ ही उनकी घर वापसी के लिए यूपी सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर यूपी के कामगारों और श्रमिकों का विस्तृत ब्यौरा भी मांगा है।

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 विनियमावली में संशोधन करते हुए इसे दंडनीय अपराध बना दिया है। एपिडेमिक एक्ट के संशोधन को मंजूरी मिल गई है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद चिकित्सा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर जिले के पगोना गांव स्थित एक शिव मंदिर के भीतर दो संतों की हत्या कर दी गई। जब लोग मंगलवार सुबह मंदिर पहुंचे और खून से लथपथ शवों को देखा, तब उन्हें हत्याकांड का पता चला। खबरों के मुताबिक, मृतकों की पहचान जगनदास (55) और सेवादास (35) के रूप में हुई है।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार 23 करोड़ जनता को इस महामारी से बचा रही है और अलग-अलग प्रदेशों में फंसे अपने मजदूरों व प्रतियोगी छात्रों को सुरक्षित निकाल कर उन्हें घर पहुंचा रही है।

उन्होंने पूछा कि प्रदेश के किस लैब में रोज कितने टेस्ट हो रहे हैं। केजीएमयू समेत प्रदेश के अन्य टेस्टिंग लैब की प्रतिदिन क्षमता क्या है? यह आंकड़ा जनता के समक्ष रखना बहुत ही महत्वपूर्ण है।

यूपी सरकार ने महंगाई भत्ते पर भी रोक लगाई है। अप्रैल महीने में इसका भुगतान होना था। बताया जा रहा है कि योगी सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के 16 लाख से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित होंगे। साथ ही इससे 11.82 लाख पेंशनरों को भी प्रभाव पड़ेगा।

इस दौरान उन्होंने कहा, "दूसरे राज्यों में उत्तर प्रदेश के जिन श्रमिकों ने क्वारंटाइन की अवधि पूरी कर ली है, उनको हम वापस लाएंगे। इस दौरान उनकी सबसे पहले बॉर्डर पर विधिवत स्क्रीनिंग करेंगे। उसके बाद वह जिस जनपद के हैं वहीं पर उसे 14 दिन के लिए क्वारंटीन कराएंगे। जहां भी वापस लाए गए श्रमिकों को क्वांरटीन किया जाएगा वहां पूल टेस्टिंग की व्यवस्था की जाए। वापसी की यह प्रक्रिया चरणबद्ध होगी।"

वहीं, उत्तर प्रदेश में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या अब तक 1507 हो चुकी है, जिसमें से 21 लोगों की मौत हो चुका है। कुल 187 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज भी हुए हैं।

अब तक प्रदेश भर में 288 देशी विदेशी तबलीगी गिरफ्तार किए गए हैं। लॉकडाउन और वीजा नियमों का उल्लंघन करने के चलते इन्हें जेल की हवा खानी पड़ी है। योगी सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि पुलिस और पैरामेडिकल स्टाफ पर हमला करने वाले भी अस्थाई जेलों में डाले जाएंगे।

राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश के अवस्थी ने कहा, 'सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता का आज सुबह 10.44 बजे निधन हो गया। हमारी तरफ से श्रद्धांजलि।'