CM Yogi Adityanath

दरअसल, 11 लोगों के साथ विधायक अमनमणि त्रिपाठी चमोली पहुंचे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता स्वर्गीय आनंद सिंह बिष्ट का पितृ कार्य पूरा करने के लिए अनुमति मांगी थी।

उन्होंने कहा, 'जमातियों ने बीमारी को छिपाया। छिपाकर आप बीमारी जगह-जगह फैलाएं, यह स्वीकार्य नहीं है। मुझे बोलते हुए कोई संकोच नहीं है कि तबलीगी के इस रवैये के कारण संक्रमण बहुत तेजी से फैला। आज हमारे पास लगभग 1600 ऐक्टिव केस हैं, इसमें 1000 से ज्यादा तबलीगी से जुड़े लोग हैं। यह स्थिति है।'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी सरकार ने निर्माण श्रमिकों, रोज कमाने वाले ठेली, खोमचा, रेहड़ी, रिक्शा, ई-रिक्शा, कुली, ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में 16 श्रेणी के कामगारों धोबी, मिस्त्री, मोची, नाई, कुम्हार, राजमिस्त्री आदि के लिए भरण-पोषण भत्ता देने की व्यवस्था की है।

उन्होंने कहा कि संबंधित राज्यों की सरकारों से संपर्क कर सभी को घरों तक सुरक्षित पहुंचाने की विस्तृत कार्य योजना तैयार हो रही है, इसलिए जहां हैं, वहीं रहें। राज्य सरकारों के संपर्क में रहें, पैदल ना चलें। साथ ही उनकी घर वापसी के लिए यूपी सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर यूपी के कामगारों और श्रमिकों का विस्तृत ब्यौरा भी मांगा है।

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 विनियमावली में संशोधन करते हुए इसे दंडनीय अपराध बना दिया है। एपिडेमिक एक्ट के संशोधन को मंजूरी मिल गई है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद चिकित्सा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर जिले के पगोना गांव स्थित एक शिव मंदिर के भीतर दो संतों की हत्या कर दी गई। जब लोग मंगलवार सुबह मंदिर पहुंचे और खून से लथपथ शवों को देखा, तब उन्हें हत्याकांड का पता चला। खबरों के मुताबिक, मृतकों की पहचान जगनदास (55) और सेवादास (35) के रूप में हुई है।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार 23 करोड़ जनता को इस महामारी से बचा रही है और अलग-अलग प्रदेशों में फंसे अपने मजदूरों व प्रतियोगी छात्रों को सुरक्षित निकाल कर उन्हें घर पहुंचा रही है।

उन्होंने पूछा कि प्रदेश के किस लैब में रोज कितने टेस्ट हो रहे हैं। केजीएमयू समेत प्रदेश के अन्य टेस्टिंग लैब की प्रतिदिन क्षमता क्या है? यह आंकड़ा जनता के समक्ष रखना बहुत ही महत्वपूर्ण है।

यूपी सरकार ने महंगाई भत्ते पर भी रोक लगाई है। अप्रैल महीने में इसका भुगतान होना था। बताया जा रहा है कि योगी सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के 16 लाख से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित होंगे। साथ ही इससे 11.82 लाख पेंशनरों को भी प्रभाव पड़ेगा।

इस दौरान उन्होंने कहा, "दूसरे राज्यों में उत्तर प्रदेश के जिन श्रमिकों ने क्वारंटाइन की अवधि पूरी कर ली है, उनको हम वापस लाएंगे। इस दौरान उनकी सबसे पहले बॉर्डर पर विधिवत स्क्रीनिंग करेंगे। उसके बाद वह जिस जनपद के हैं वहीं पर उसे 14 दिन के लिए क्वारंटीन कराएंगे। जहां भी वापस लाए गए श्रमिकों को क्वांरटीन किया जाएगा वहां पूल टेस्टिंग की व्यवस्था की जाए। वापसी की यह प्रक्रिया चरणबद्ध होगी।"