Congress Leader Rahul Gandhi

रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'दुनिया के 15 ऐसे देश जहां कोरोना बड़ी बीमारी बन गया है उसकी आबादी है 142 करोड़. उसमें अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा व अन्य देश हैं। इन देशों में 26 मई तक करीब 3.43 लाख लोगों की मृत्यु कोरोना से हुई है। भारत में चार हजार तीन सौ पैंतालिस लोगों की मौत हुई है।'

बता दें कि 1964 में नेहरू का 75 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उन्होंने 1947 में भारत को मिली स्वतंत्रता के बाद से 1964 में निधन होने तक भारत के प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया।

इस दौरान राहुल ने पूछा कि 'ये भईया बताइए कि वैक्सीन कब आएगी?' इसके जवाब में आशीष झा ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि अगले साल तक वैक्सीन आ जाएगी।

राहुल गांधी द्वारा लॉकडाउन पर सवाल उठाने पर जावड़ेकर ने कहा कि जब देश भर में राष्ट्रव्यापी बंदी लागू की गई, उस समय भी कांग्रेस ने हाय तौबा मचाया था और आज जब लॉकडाउन खत्म हो रहा है तो फिर सवाल उठा रही है। ये कैसी राजनीति है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "दो महीने पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि हम 21 दिनों तक कोरोनावायरस (कोविड -19) के खिलाफ युद्ध लड़ने जा रहे हैं और अब 60 दिन हो गए हैं।"

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर लिखा- दिल्ली में ऊबर ड्राइवर परमानंद के साथ अच्छी बातचीत हुई। परमानंद और उनके जैसे अन्य लोगों की समस्याओं को लेकर चर्चा की।'

वीडियो साझा करने पर अब बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। मायावती ने इस वीडियो को नाटक करार दिया है।

राहुल ने इस वीडियो में मजदूरों के भविष्य के बारे में सवाल उठाए हैं। राजधानी दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों के प्रवासी मजदूरों का वीडियो शामिल है। वीडियों में सुखदेव विहार में मजदूरों के साथ राहुल गांधी की बातचीत का वीडियो भी शामिल हैं।

आपको बता दें कि राजीव गांधी की 21 मई 1991 को श्रीपेरंबदूर में एक बम धमाके में हत्या कर दी गई थी। वह वहां पर एक चुनावी रैली संबोधित करने पहुंचे थे। इस दौरान राजीव गांधी के पास एक महिला फूलों का हार लेकर पहुंची और उसके करीब जाकर उसने अपने शरीर को बम से उड़ा दिया।

दरअसल पूनिया ने यूपी में प्रवासियों और बस मुद्दे पर आपत्तिजनक ट्वीट किया था। पूनिया ने अपने ट्वीट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा था। हालांकि विरोध बढ़ने पर उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया था।