congress

मांगे राम की खासियत यह भी थी कि उनमें चुनाव जीतने की अद्भुत कला थी। वो राजनीतिक जीवन में बहुत कम गलतियां करते थे। उन्होंने दिल्ली में एमसीडी चुनाव का नेतृत्व किया था और जीत भी दिलाई थी।

उनके निधन पर दिल्ली में दो दिन का शोक घोषित किया गया है। बता दें कि उनका अंतिम संस्कार रविवार को दोपहर 2:30 निगम बोध घाट पर होगा।

चंद महीनों बाद ही इस केंद्र शासित राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी को उम्मीद थी कि शीला 1998 का इतिहास दोहराते हुए कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाएंगी।

पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन पर दिल्ली में दो दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसका ऐलान किया।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित ने दिल्ली स्थित एस्कॉर्ट अस्पताल में अपनी आखिरी सांसे ली। 81 साल की शीला ना सिर्फ राजनीति में अव्वल थी, बल्कि अपनी पढ़ाई के दौरान भी वो काफी ज्यादा मेहनती थी। 

कर्नाटक में सत्ता की लड़ाई अब ज्योतिषियों के दरवाजे पर पहुंच गई है। राजनेता सरकार बचाने के लिए पंडितों व ज्योतिषियों का सहारा ले रहे हैं।

सोनभद्र नरसंहार में मारे गए दस लोगों के परिवार के सदस्यों से मिलने की जिद पर अड़ीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा एक बार फिर चुनार गेस्ट हाउस के बाहर धरना पर बैठ गईं।

'मैं उनसे (सोनभद्र के पीड़ितों से) मिलीं और उनका हाल-चाल लिया। यहां आने का मेरा मकसद पूरा हो गया। कांग्रेस इस घटना में मारे गए लोगों के परिवार को 10-10 लाख की सहायता देगी।'

प्रदेश की कमलनाथ सरकार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से गठबंधन करके फिर मुसीबतों में पड़ गई है। अल्पमत में गई सरकार को सहारा देने वाली दो बसपा विधायकों में एक के पति एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता की हत्या के मामले में वांछित हैं।

प्रियंका गांधी लगातार एक के बाद दूसरे ट्वीट कर यूपी की योगी सरकार पर हमला बोल रही हैं। जबकि राहुल गांधी अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद से ही चुपचाप एक किनारे में बैठे हैं।