Corona

मंत्रालय द्वारा अपनी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, भारत में कोरोना मामलों की संख्या शनिवार को बढ़कर 21,53,010 हो गई। पिछले 24 घंटों में 861 मौतों के साथ 64,398 मामले सामने आए। सक्रिय मामलों की संख्या 6,28,747 थी। मरने वालों की संख्या बढ़कर 43,379 हो गई है।

टेस्टिंग को लेकर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बताया कि, कल(8 अगस्त) तक कोरोना वायरस के ​लिए कुल 2,41,06,535 टेस्ट किए गए, जिनमें से 7,19,364 टेस्ट 8 अगस्त को किए गए।

टेस्टिंग को लेकर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ICMR ने बताया कि, कल (7 अगस्त) तक कोरोना वायरस के लिए कुल 2,33,87,171 सैंपल का टेस्ट किया गया, जिनमें से 5,98,778 सैंपल का टेस्ट कल यानी 7 अगस्त किया गया।

देश में कोरोना की वजह से अबतक 40 हजार 699 लोगों की मौत हुई है। टेस्टिंग को लेकर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बताया कि, 5 अगस्त तक टेस्ट किए गए COVID-19 सैंपलों की कुल संख्या 2,21,49,351 है जिसमें 6,64,949 सैंपलों का टेस्ट कल यानी 5 अगस्त को किया गया। 

देश में कोरोना की वजह से अबतक 40 हजार 699 लोगों की मौत हुई है। टेस्टिंग को लेकर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बताया कि, 5 अगस्त तक टेस्ट किए गए COVID-19 सैंपलों की कुल संख्या 2,21,49,351 है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार तक संक्रमण से हुई मौतों का आंकड़ा 95,819 तक पहुंच गया है, वहीं पिछले 24 घंटों में 51,603 नए संक्रमणों के साथ देश में संक्रमित लोगों की संख्या 2,801,921 हो गई।

टेस्टिंग को लेकर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बताया कि भारत में कल(4 अगस्त) तक कोरोना वायरस के लिए कुल 2,14,84,402 सैंपल का टेस्ट किया गया, जिसमें से 4 अगस्त को 6,19,652 सैंपल का टेस्ट किया गया।

टेस्ट को लेकर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने जानकारी दी कि, भारत में पिछले 24 घंटे में 6,61,715 टेस्ट किए गए हैं। जिसे मिलाकर देश में अबतक कोरोना वायरस के कुल 2,08,64,206 टेस्ट हो चुके हैं।

कोरोना संकट के बीच टेस्टिंग को लेकर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बताया कि 2 अगस्त तक टेस्ट किए गए COVID-19 सैंपलों की कुल संख्या 2,02,02,858 है

विशेषज्ञों का कहना है ​कि छोटे घरों के अंदर की हवा घर में घूमती रहती है जबकि बड़े आकार और खुले घरों में हवा का प्रवाह बना रहता है। इसके साथ ही बंद घरों में सूरज की रोशनी नहीं पहुंच पातीं जिसके कारण भी वायरस को पनपने का सुरक्षित स्थान मिल जाता है।