Covid-19

दिल्‍ली के निजामुद्दीन मरकज से तबलीगी जमात के कोरोना संक्रमण संदिग्‍धों को ले जाकर तुगलकाबाद में क्‍वारंटीन सेंटर (पृथक केंद्र) में रखा गया है।

राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन में भी कटौती की जाएगी। पवार के अनुसार ग्रेड ए और बी अधिकारियों के वेतन में 50 प्रतिशत और ग्रेड सी के कर्मचारियों के वेतन में 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। ग्रेड डी कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी।

कपिल सिब्बल ने एक ट्वीट में लिखा, "कीटाणुनाशक स्प्रे, अब समय आ गया है हमारी राजनीति को सैनेटाइज करने का ना कि प्रवासी श्रमिक जो बरेली पहुंचे थे। वे कारखानों, फसलों की कटाई, रेस्तरां, होटलों में, निर्माण परियोजनाओं, राजमार्गों और घरों में काम करते हैं। वे भारत का निर्माण करते हैं, उनके साथ सम्मान के साथ पेश आना चाहिए।"

अधिकारियों के लिए चिंता करने वाली बात यह है अब तक यह जानकारी नहीं मिल सकी है उन्हें संक्रमण कहां से हुआ, क्योंकि उन्होंने ना तो कोई विदेश यात्रा की थी और ना ही वो किसी कोरोनावायरस पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आए।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने बहुत पहले ही महसूस कर लिया था कि भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में वैश्विक महामारी का विनाशकारी परिणाम हो सकता है। भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदम की वजह से ही कोरोना वायरस के मामलों और मौतों की संख्या में तेजी नहीं आई है। ये भारत की दूरदर्शिता को दर्शाता है।

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आर के धीमान ने कहा कि कोविड-19 के लिए पांचवीं बार जांच में पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी गायिक की हालत स्थिर है और फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है।

पार्टी ने कहा कि राज्य समितियां वायरस के प्रसार पर जमीनी स्थिति के आधार पर केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को दैनिक रूप से अपडेट करेंगी, साथ ही राज्य सरकारों की चिकित्सा तैयारियों के साथ-साथ पार्टी और राज्य एजेंसियों द्वारा राहत कार्य के बारे में भी अपडेट करेंगी।

ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के भारतीय मूल के दो शोधकर्ता कोरोना वायरस को लेकर एक नए गणितीय मॉडल के साथ आए हैं।

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज इससे पहले, दिल्ली सरकार को भी कोरोना से मदद के लिए 50 लाख रुपये जारी कर चुके हैं। गंभीर से पहले केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने भी अपने सांसद फंड से एक करोड रुपये जारी किए थे।

एयर इंडिया के जरिए विदेश में फंसे दो हज़ार से अधिक भारतीयों को वापस लाया जा चुका है। इनमें से ज़्यादातर भारतीय चीन, इटली और ईरान में फंसे हुए थे।