Delhi CM Arvind kejriwal

उन्होंने दिल्ली में आईसीएमआर द्वारा 18 मई को जारी की गई नीति को दिल्ली में लागू करने के लिए कहा है। जिसके तहत दिल्ली में असिम्प्टोमटिक मरीज 5 से 10 दिनों के भीतर टेस्ट करा सकेंगे।

ज्ञात हो कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि बाहरी मरीजों का इलाज अब राज्य सरकार के अस्पतालों में नहीं होगा। दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों में अब सिर्फ दिल्ली के लोगों का ही इलाज होगा।

उन्होंने कहा कि लगभग 6,500 लोग वायरस से संक्रमित हैं, और इतनी ही संख्या में अब तक ठीक हुए हैं। केजरीवाल ने यह भी कहा कि सरकार के पास 250 वेंटिलेटर हैं और केवल 11 का इस्तेमाल किया जा रहा है।

कोरोनावायरस से दिल्ली में मौत के आंकड़ों को लेकर भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने केजरीवाल सरकार को घेरा है। कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर सीएम अरविंद केजरीवाल पर कोविड-19 से मौत के आंकड़ें छिपाने का आरोप लगाया है।

बता दें कि केजरीवाल सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर शराब पर स्पेशल कोरोना फीस लगा दिया है। इसके बाद दिल्ली में 5 मई से शराब महंगी हो गई है। ये फीस एमआरपी पर 70 फीसद लगाई गई है।

24 मार्च को घोषित लॉकडाउन 14 अप्रैल को समाप्त होनी थी। इसे 3 मई और बाद में 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया था। केंद्र अब 17 मई के बाद की तस्वीर क्या हो, इस पर चर्चा कर रहा है।

संविदा शिक्षिका दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के साथ काम कर रही थीं और उनकी कोविड -19 के कारण मृत्यु हो गई। एमसीडी ने रविवार को इस बात की घोषणा की थी। महिला की मृत्यु 4 मई की रात एक अस्पताल में हो गई थी जहां उन्हें 2 मई से भर्ती कराया गया था।

अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि ड्यूटी में आ रही किसी भी दिक्कत के लिए स्टाफ डिपार्टमेंट हेड के पास शिकायत भेज सकता है। लेकिन बिना उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाये सोशल मीडिया में समस्याओं को पब्लिक करना उचित नहीं है। मेडिकल स्टाफ को इससे बचना चाहिए।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कोई भी प्राइवेट स्कूल कोरोना संकट और लॉकडाउन के इस दौर में स्कूल फीस नहीं बढ़ाएगा। दिल्ली सरकार ने इसके लिए सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

पीएम ने कहा कि लॉकडाउन की बात करते हुए मैंने कहा था कि जान है तो जहान है। जब मैंने राष्ट्र के नाम सन्देश दिया था, तो शुरुआत में ही इस बात पर जोर दिया था कि हर नागरिक की जान बचाने के लिए लॉकडाउन और सोशल डिस्टेसिंग का पालन बहुत आवश्यक है।