Delhi Govt

मुख्यमंत्री ने कहा, "विदेश से आए इन लोगों में से केवल कुछ ही लोगों को आइसोलेशन में रखा गया शेष व्यक्ति अपने अपने घर गए। इन 35 हजार लोगो से कोरोना एक से दूसरे व्यक्तियों तक फैला। उस समय न तो यह हमारे पास लैब्स थी न ही टेस्टिंग किट थी।"

सत्येंद्र जैन के एक करीबी मित्र ने कहा कि सत्येंद्र जैन को प्लाज्मा थेरेपी दी जा चुकी है, जिसके बाद उनका बुखार अब पहले से कम है। इसके अलावा अब उन्हें सांस लेने में भी पहले जितनी दिक्कत नहीं है। डॉक्टरों की सलाह पर फिलहाल अगले 24 घंटे उनको आईसीयू में ही रखा जाएगा।

गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली के कई इलाकों में स्वास्थ्य सर्वेक्षण भी शुरू किया गया है। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, 242 कंटेनमेंट जोन में 230466 की कुल जनसंख्या में से 177692 लोगों की जांच 15 और 16 जून को की गई थी, शेष बचे लोगों की जांच 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी।

ताज मानसिंह होटल में कोरोना रोगियों को उपचार देने की सारी जिम्मेदारी गंगा राम अस्पताल की होगी। पुलमैन पांच सितारा होटल को दिल्ली के अपोलो अस्पताल के साथ जोड़ने का फैसला किया है।

गौरतलब है कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण फैलने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति लगातार हो रही है। इस बीच दिल्ली में कोरोना के 129 और रोगियों की मृत्यु के बाद दिल्ली में कोरोनावायरस से मरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1214 हो गई है। दिल्ली में अभी तक 36,824 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं।

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और प्राइवेट अस्पतालों से कोरोना संबंधित डेटा लेने के लिए तीन IAS अफसरों को बतौर नोडल अफ़सर तैनात किया है।

दिल्ली में कोरोना के 2858 रोगी अभी तक ठीक भी हो चुके हैं। इनमें से 346 रोगियों को मंगलवार से बुधवार के बीच अस्पताल से छुट्टी दी गई है। शहर में कुल 5034 कोरोना के एक्टिव रोगी हैं।

दिल्ली में अभी कोरोना के 5532 केस हैं। दिल्ली में कोरोना के मामलों के दोगुना होने की रफ्तार अभी 11 दिन है। सत्येंद्र जैन ने कहा, "अमेरिका में बहुत ज्यादा लोग गंभीर रूप से बीमार हैं। दिल्ली में 3925 एक्टिव मरीज हैं और 84 लोग आईसीयू में हैं, जबकि उसमें से भी सिर्फ 12 लोग वेंटिलेटर पर हैं। बाकी देशों में बहुत बड़ी संख्या में मरीज वेंटिलेटर पर और आईसीयू में हैं।"

दिल्ली राशन डीलर संघ के सचिव सौरव गुप्ता के मुताबिक इस राशन की दुकान से 1673 राशनकार्ड धारक जुड़े हुए है। जिनको अप्रैल के महीने में राशन दिया जा रहा था। ऐसे में जो लोग राशन लेने आए थे, उन्हें भी ट्रेस किया जा रहा है।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने बड़ी संख्या में कोरोना टेस्ट किट का आर्डर दिया था। सरकार का मानना है कि जल्दी से टेस्ट किए जाने से कोरोना संक्रमित लोगों का तेजी से पता लगेगा, जिससे उनका उपचार भी जल्दी होगा और उनसे अन्य लोगों के संक्रमित होने की संभावना कम हो जाएगी।