Delhi police

क्राइम ब्रांच की टीम ने सईद से ऐसे करीब 20 लोगों की डिटेल्स मांगी है जो मरकज में आने-जाने वाले लोगों और वहां की पूरी व्यवस्था का जिम्मा संभालते हैं। यूं तो मौलाना साद के तीन बेटे हैं पर सईद मरकज से जुड़े कामों में सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है। क्राइम ब्रांच को उससे पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। 

आबकारी विभाग ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को एक लेटर लिखा है। जिसमें शराब की दुकानों को दिल्ली पुलिस द्वारा बंद कराए जाने को लेकर कुछ सवाल पूछे गए हैं और जानकारी मांगी गई है।

जफरुल इस्लाम ने उत्तर-पूर्व की दिल्ली हिंसा के संदर्भ में भारतीय मुसलमानों के 'उत्पीड़न' पर ध्यान देने के लिए कुवैत को धन्यवाद दिया था। इसके अलावा जफरुल इस्लाम ने मीडिया के एक वर्ग पर उनके ट्वीट के मतलब को तोड़-मरोड़कर दिखाने का आरोप लगाया था।

बता दें कि अभी हाल में ही तबलीगी मरकज के प्रमुख साद के अधिवक्ता ने दावा किया था कि मौलाना ने निजी और सरकारी लैब से कोरोना की जांच कराई है। सभी रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। वकील ने यह भी दावा किया था कि जांच रिपोर्ट क्राइम ब्रांच को भी सौंप दी गई है। 

दिल्ली हिंसा की साजिश में जामिया एल्युमिनाई एसोसिएशन की प्रेसिडेंट शिफा-उर्रहमान को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को शिफा-उर्रहमान को गिरफ्तार किया।

दक्षिणी-पूर्वी दिल्ली जिले में रहने वाले परिवार ने पुलिस से एक विवाह को संपन्न कराने का आग्रह किया। दोनों परिवार चाहते थे कि किसी भी तरह से तयशुदा तिथि/वक्त पर विवाह संपन्न हो जाये। इस बात का ख्याल रखकर कि इस विवाह के चलते किसी भी तरह से सोशल डिस्टेंसिंग और महाबंद की हदें न टूटने पायें।

इस मामले पर बढ़ते विवाद को देखते हुये दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट करके कहा, "अजान के लिए कोई पाबंदी नही है। लॉकडाउन में मस्जिदों में नमाज के लिए इकट्ठा होने या किसी अन्य धार्मिक स्थल पर पूजा आदि के लिए लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह पाबंदी है।"

इससे पहले भी शामली जनपद में मौलाना साद के कस्बा कांधला में स्थित फार्म हाउस पर पुलिस और खुफिया विभाग की टीम पहुंची थी। टीम ने फार्म हाउस में पहुंचकर वहां काम करने वाले लोगों से जानकारी ली थी और देखा था कि वहां कोई जमाती तो नहीं है। इस दौरान किसी अन्य व्यक्ति को अंदर नहीं जाने दिया गया। 

छानबीन में पता चला है कि उक्त हवलदार रोजाना 25-30 स्टाफ और अफसरों के सीधे संपर्क में था। फिलहाल 65 अफसरों और जवानों को उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट आने तक इसी हाल में वक्त गुजारना पड़ेगा।

दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रहस्यमय हालातों में गायब हुए कोरोना संदिग्धों में कुछ नेपाली मूल के भी शामिल होने का पता चला है। सभी की तलाश की जा रही है।