Delhi Riot

Delhi Riots: वहीं अब दिल्ली दंगे (Delhi riot) को लेकर एक संस्था टीम भारत (TEAM BHARAT) ने सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए जो खुलासा किया है वह और भी चौंकानेवाला है। इससे साफ पता चलता है कि किस तरह के इरादों के साथ इस पूरी साजिश के लिए चक्रव्यूह की रचना की गई। इसको लेकर टीम भारत (TEAM BHARAT) ने अपने ट्वीटर एकाउंट पर कई दावे तो किए ही हैं साथ ही कई स्क्रीनशॉट भी लगाए हैं जो इस पूरे घटनाक्रम की पोल खोलने के लिए सबूत के तौर पर काफी है।

Delhi police Special cell Report: दिल्ली दंगों (Delhi Riot) को लेकर रची गई साजिश को लेकर हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इस दंगे की वजह से दिल्ली (Delhi) का जितना नुकसान हुआ है उसको लेकर खुलासा इस बात का भी हुआ है कि 2019 के चुनाव के बाद से ही इस दंगे को लेकर साजिश रची जा रही थी।

प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित दिल्ली दंगे साजिश का खुलासा पुस्तक फरवरी और मार्च में दिल्ली में हुए दंगे के षड़यंत्र का पर्दाफाश करती है। यह किताब कई मायने में एक संग्रह करने योग्य दस्तावेज है।

गरुड़ प्रकाशन के द्वारा 'Delhi Riots 2020' के हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रकाशन को मंजूरी दी गई है। इसकी जानकारी प्रकाशन की तरफ से ट्वीट कर भी दी गई है।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा था कि उसे शरजील इमाम के खिलाफ जांच के लिए और समय की जरूरत है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून को लेकर हुए हिंसा में 35 लोगों की मौत के बाद दिल्लील के मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल ने परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।

बाबरपुर में रहने वाले राजा ने आईएएनएस से कहा "सोमवार को हमारे मोहल्ले के बाहर तीन घंटे तक रुक-रुककर पथराव व हिंसक झड़पें होती रहीं। ज्यादातर उपद्रवी दूसरे मोहल्लों से आए थे। हिंसा कर रहे इन लोगों के हाथ में लाठी-डंडे और लोहे की रॉड भी थीं।"

केजरीवाल ने कहा, "हम पर आरोप लगाने वाला विपक्ष खुद ही हिंसा फैला रहा है। सिर्फ उन्हें ही हिंसा फैलाकर फायदा उठाने की आदत रही है। आप क्यों हिंसा करेगी, हमें इससे क्या लाभ होगा? जिन्हें हारने (चुनाव में) का डर है, वे ही हिंसा में शामिल हैं, वे सोचते हैं, इसका उन्हें फायदा होगा। लेकिन दिल्ली की जनता अपना मन बना चुकी है। दिल्लीवासी इन लोगों के झांसे में आने वाले नहीं हैं।"

केजरीवाल ने कहा, "हम पर आरोप लगाने वाला विपक्ष खुद ही हिंसा फैला रहा है। सिर्फ उन्हें ही हिंसा फैलाकर फायदा उठाने की आदत रही है। आप क्यों हिंसा करेगी, हमें इससे क्या लाभ होगा? जिन्हें हारने (चुनाव में) का डर है, वे ही हिंसा में शामिल हैं, वे सोचते हैं, इसका उन्हें फायदा होगा। लेकिन दिल्ली की जनता अपना मन बना चुकी है। दिल्लीवासी इन लोगों के झांसे में आने वाले नहीं हैं।"