Delhi Riots

Delhi Riots : दिल्ली पुलिस(Delhi Police) का कहना है कि, "कपिल मिश्रा(Kapil Mishra) के पूरे बयान के रिकॉर्ड पर आ जाने से आहत एंकर ने असली व्हिसल ब्लोअर(Whistle Blower) को नजरअंदाज करते हुए दर्शकों को गुमराह करने का प्रयास किया है।"

Delhi riots: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में फरवरी में हुए दंगों के सिलसिले में पुलिस ने जो आरोप-पत्र (चार्जशीट) दायर किया है उसमें कहा गया है कि नागरिक संशोधन कानून (CAA) के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद (Senior Congress leader Salman Khurshid), माकपा नेता वृंदा करात (Brinda Karat) और उदित राज (Udit Raj) शामिल थे।

Delhi Riots: इस पूरी साजिश को अंजाम दिलाने में पिंजरा तोड़ ग्रुप की तरफ से की गई मदद के बारे में भी चार्जशीट(Chargesheet) में लिखा गया है। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि कैसे जहांगीरपुरी(Jahangir Puri) से 300 महिलाओं को पहले शाहीन बाग(Shaeen Bagh) धरने के लिए ले जाया जा रहा था

15 जनवरी को सीलमपुर(Silampur) में हुए प्रदर्शन के बारे में फातिमा ने पुलिस के सामने खुलासा करते हुए कहा, "योजना के अनुसार भीड़ बढ़ने लगी थी। उमर खालिद(Umar Khalid), चंद्रशेखर रावण(Chandra Shekhar Ravan), योगेंद्र यादव, सीताराम येचुरी(Sitaram Yechury) और वकील महमूद प्राचा सहित बड़े नेता और वकील इस भीड़ को भड़काने के लिए आगे आने लगे।"

दिल्ली में फरवरी में हुए सांप्रदायिक हिंसा (Delhi Violence) के मामले में मुख्य आरोपी आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) को बड़ा झटका लगा है।

मंगलवार को जांच एजेंसी विभिन्न अदालतों के समक्ष तीन अलग-अलग मामलों में तीन आरोप पत्र दायर करेगी। तीन मामलों में मौजपुर चौक दंगा केस, कर्दमपुरी पुलिया दंगा केस और कर्दमपुरी सरकारी डिस्पेंसरी दंगा केस शामिल है।

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, खालिद सैफी उमर खालिद को जानता है और उमर खालिद और ताहिर हुसैन के बीच मुलाकात इसने ही करवाई थी।

दिल्ली पुलिस ने आज दिल्ली दंगों से जुड़ी एक और चार्जशीट दाखिल की है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कर्मी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (कड़कड़डूमा कोर्ट) में चार्जशीट दायर की।

25 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जफराबाद दंगों में हुई फायरिंग में अमन नाम के एक शख्स की मौत हुई थी।मौके से पुलिस को अलग-अलग बोर के 35 कारतूस बरामद हुए थे। इस मामले में पिजरातोड़ ग्रुप की सदस्य नताशा नरवाल और देवांगना कलिता समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में हाल ही में हुई हिंसा के लिए गिरफ्तार किए गए दो लोगों को जमानत देते हुए दिल्ली पुलिस की खिंचाई की। मुख्य महानगर दंडाधिकारी पवन सिंह ने अनमोल और राहुल नागर को जमानत पर रिहा करते हुए कहा, "यह स्पष्ट है कि आरोपियों को जमानती अपराध में गिरफ्तार किया गया था।