Delhi Riots

15 जनवरी को सीलमपुर(Silampur) में हुए प्रदर्शन के बारे में फातिमा ने पुलिस के सामने खुलासा करते हुए कहा, "योजना के अनुसार भीड़ बढ़ने लगी थी। उमर खालिद(Umar Khalid), चंद्रशेखर रावण(Chandra Shekhar Ravan), योगेंद्र यादव, सीताराम येचुरी(Sitaram Yechury) और वकील महमूद प्राचा सहित बड़े नेता और वकील इस भीड़ को भड़काने के लिए आगे आने लगे।"

दिल्ली में फरवरी में हुए सांप्रदायिक हिंसा (Delhi Violence) के मामले में मुख्य आरोपी आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) को बड़ा झटका लगा है।

मंगलवार को जांच एजेंसी विभिन्न अदालतों के समक्ष तीन अलग-अलग मामलों में तीन आरोप पत्र दायर करेगी। तीन मामलों में मौजपुर चौक दंगा केस, कर्दमपुरी पुलिया दंगा केस और कर्दमपुरी सरकारी डिस्पेंसरी दंगा केस शामिल है।

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, खालिद सैफी उमर खालिद को जानता है और उमर खालिद और ताहिर हुसैन के बीच मुलाकात इसने ही करवाई थी।

दिल्ली पुलिस ने आज दिल्ली दंगों से जुड़ी एक और चार्जशीट दाखिल की है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कर्मी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (कड़कड़डूमा कोर्ट) में चार्जशीट दायर की।

25 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जफराबाद दंगों में हुई फायरिंग में अमन नाम के एक शख्स की मौत हुई थी।मौके से पुलिस को अलग-अलग बोर के 35 कारतूस बरामद हुए थे। इस मामले में पिजरातोड़ ग्रुप की सदस्य नताशा नरवाल और देवांगना कलिता समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में हाल ही में हुई हिंसा के लिए गिरफ्तार किए गए दो लोगों को जमानत देते हुए दिल्ली पुलिस की खिंचाई की। मुख्य महानगर दंडाधिकारी पवन सिंह ने अनमोल और राहुल नागर को जमानत पर रिहा करते हुए कहा, "यह स्पष्ट है कि आरोपियों को जमानती अपराध में गिरफ्तार किया गया था।

दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई चांदबाग इलाके के खतरनाक बदमाश मूसा और सलमान के बीच मोबाइल पर हो रही बातचीत को दंगों के दौरान गुपचुप तरीके से सुन रही थी। जैसे ही सलमान ने मूसा को बताया कि उसने भीड़ के बीच में घुसकर एक आदमी को चाकूओं से गोद डाला है, वैसे ही दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई और स्पेशल ब्रांच (खुफिया विंग) सतर्क हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक अंकित के शरीर पर 6 कट के निशान थे जिसमें स्क्रैच भी थे। बाकी 33 चोट के निशान थे जिसमें रॉड और डंडे जैसे भारी ऑब्जेक्ट से अंकित के सिर और शरीर पर लगातार वार किया गया था।

आईपीएस एसोसिएशन ने दिल्ली दंगों के कवरेज में न्यूयार्क टाइम्स की भूमिका पर गहरे सवाल खड़े किए। 'न्यूसयार्क टाइम्सं' की रिपोर्ट की एसोसिएशन ने जमकर निंदा की है। एसोसिएशन ने इसे पूरी तरह झूठा और भारतीय संस्थाशओं की प्रतिष्ठां धूमिल करने का प्रयास करार दिया।