Delhi Violence

दिल्ली पुलिस ने पिंजरा तोड़ संगठन से जुड़ी दो लड़कियां नताशा और देवांगना को गिरफ्तार किया है। दरअसल, जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर सीएए के खिलाफ महिलाओं की अचानक भीड़ जुट गई थी, जिसके बाद हिंसा हुई थी।

सीएम केजरीवाल ने ट्वीट किया, "दिल्ली हिंसा में आईबी अफसर अंकित शर्मा जी की बहुत ही दर्दनाक तरीके से हत्या की गई थी। उनके परिवार के लिए हमने एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि का एलान किया था। आज उस निर्णय को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। कोरोना के चलते इसमें देर हो गई। उम्मीद है इसी हफ्ते उनके परिवार को राशि मिल जाएगी।"

दिल्ली हिंसा की जांच कर रही क्राइम ब्रांच को अपनी जांच में एक और सफलता मिली है। जिसमें पता चला है कि जेएनयू के पूर्व छात्र शरजील इमाम ने जानबूझ कर दिल्ली समेत देश भर में दंगे कराने के मकसद से भड़काऊ भाषण दिए थे।

दिल्ली हिंसा की साजिश में जामिया एल्युमिनाई एसोसिएशन की प्रेसिडेंट शिफा-उर्रहमान को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को शिफा-उर्रहमान को गिरफ्तार किया।

दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई चांदबाग इलाके के खतरनाक बदमाश मूसा और सलमान के बीच मोबाइल पर हो रही बातचीत को दंगों के दौरान गुपचुप तरीके से सुन रही थी। जैसे ही सलमान ने मूसा को बताया कि उसने भीड़ के बीच में घुसकर एक आदमी को चाकूओं से गोद डाला है, वैसे ही दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई और स्पेशल ब्रांच (खुफिया विंग) सतर्क हो गई।

दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हिंसा के मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की जांच में हिंसा की अंतराष्ट्रीय स्तर की साजिश का कनेक्शन सामने आया है। इस सिलसिले में पुलिस ने संदिग्ध पति पत्नी को गिरफ्तार किया है।

राज्यसभा में दिल्ली हिंसा पर आज (गुरुवार को) चर्चा होगी। गृह मंत्री अमित शाह इस दौरान खुद विपक्ष के आरोपों का जवाब देंगे। भारतीय जनता पार्टी ने सदन की कार्यवाही में भाग लेने के लिए अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया है।

अभी तक दानिश से की गई पूछताछ में सामने आया है कि प्रतिबंधित संगठन PFI न सिर्फ CAA विरोधी आंदोलन में शामिल रहा था, बल्कि हिंसा भड़काने में भी उसकी भूमिका थी।

दिल्ली हिंसा पर लोकसभा में बुधवार को नियम 193 के तहत चर्चा होगी, चर्चा के बाद मतदान नहीं होगा। कांग्रेस लंबे समय से इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रही है और वह सदन की कार्यवाही बाधित कर रही है, लेकिन सरकार ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा होली के बाद ही होगी।

ताहिर हुसैन के साथ काम करने वाले बाप बेटे का दिल्ली दंगों में बड़ा रोल सामने आया है। रियासत अली और लियाकत अली नाम के इन दोनों बाप बेटों पर आरोप है कि चांद बाग में हिंसा के दौरान ये दोनों ताहिर हुसैन की छत पर मौजूद थे।