devendra fadanvis

अब शरद पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की है और कहा जा रहा है सोनिया गांधी शिवसेना समर्थन वाली सरकार बनाने को तैयार हो गई हैं। एनसीपी के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है।

स्मृति सभा में श्रद्धांजलि देने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने शिवसेना सरकार के समर्थन में नारे लगे। हालांकि श्रद्धांजलि देने के बाद उनका काफिला बिना किसी व्यवधान के सभा स्थल से रवाना हो गया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की लालसा में शिवसेना विपक्ष के हाथों का हथियार बन चुकी है। वह एकदम विपक्षी नेताओं की तर्ज पर काम कर रही है। सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है।

संजय राउत ने आगे कहा कि, समझदारी इनसे सीखने की जरूरत नहीं है। समझदारी दिखाते हुए ही शिवसेना महाराष्ट्र में सरकार बनाएगी और सीएम भी शिवसेना का होगा उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब से जो वादा किया था, वह पूरा होगा।

अब शिवसेना को संसद के अदर से एक झटका लगा है और पहले जहां पक्ष की तरफ बैठने वाली शिवसेना की सीट अब बदल गई है और शिवसेना के सांसद अब विपक्ष की तरफ बैठेंगे।

शुक्रवार को जहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने सरकार बनाने का दावा किया था, तो वहीं शनिवार को देवेंद्र फडणवीस समेत भाजपा के कई बड़े नेताओं ने बैठक की।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने मीडिया के सामने राज्य में सरकार बनाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास सबसे ज्यादा विधायक हैं। 119 विधायकों (105 बीजेपी और 14 निर्दलीय) के साथ बीजेपी राज्य में सरकार बनाएगी।

शिवसेना के सांसद संजय राउत ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी से कहा कि वह उन्हें डराने या धमकाने की कोशिश न करें और शिवसेना को अपना राजनीतिक रास्ता चुनने दें। राउत ने मीडिया में कहा, "हम लड़ने और मरने के लिए तैयार हैं, लेकिन धमकी या जबरदस्ती की रणनीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे।"

उन्होंने शिवसेना को साफतौर से जवाब देते हुए कहा कि, चुनाव प्रचार के दौरान मैंने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार ये कहा था कि, 'अगर हमारा गठबंधन जीतता है तो फिर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही होंगे'।

मगर अब इस राष्ट्रपति शासन के पीछे की बेहद दिलचस्प कहानी सामने आई है। इस फैसले में एनसीपी प्रमुख शरद पवार के पत्र की अहम भूमिका रही जो उन्होंने मंगलवार सुबह राज्यपाल को भेजा था।