Dr. Harsh Vardhan

Corona Vaccine: देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों में इन दिनों कमी देखी जा रही है। इस बीच कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को लेकर देश में कई तरह की खबरें आ रही है। ऐसे में अगले साल तक देश में कोरोना का टीका आने की उम्मीद जताई जा रही है।

भारत (India) समेत कई देश कोरोना वायरस (Coronavirus) की वैक्सीन (Corona Vaccine) बनाने में लगे हैं। देश में कुछ वैक्सीन हैं जिनका ट्रायल अंतिम चरण पर है। इस बीच केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ हर्षवर्धन (Dr. Harshvardhan) का कहना है कि उन्होंने दावा किया है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस साल के आखिरी तक कोरोना की वैक्सीन बन जाएगी।

इस बैठक में डॉ हर्षवर्धन ने कहा, "भारत में कोरोना के 1 मिलियन से ज्यादा मामलों में रिकवरी हुई है, जिससे रिकवरी दर 64.5% हो गयी है।

दिल्ली पुलिस की पहल पर रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली में 'प्लाज्मा दान अभियान' शुरू किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन मुख्य अतिथि थे, जबकि पुलिस आयुक्त एस.एन. श्रीवास्तव इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि थे।

दुनियाभर में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच इस महामारी की वैक्सीन की खोज जारी है। एक तरफ दुनिया में कोविड-19 मामलों की कुल संख्या 1.4 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है, जबकि इससे होने वाली मौतों की संख्या 601,000 से अधिक हो गई है। भारत में भी कोरोना के आंकड़े 10 लाख के पार हो गए हैं।

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा है कि लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि अगले साल तक कोरोना की वैक्सीन आ जाएगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने गुरुवार को देश की पहली कोरोना टेस्टिंग मोबाइल लैब लॉन्च की है। ये दूर-दराज के इलाकों में तैनात होगी।

देश में कोविड-19 महामारी के चरम पर होने के संबंध में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया द्वारा की गई भविष्यवाणी पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सहमत होते नहीं दिख रहे हैं। हर्षवर्धन ने गुरुवार को बीमारी के भविष्य के परिदृश्य के बारे में कहा कि इस संबंध में फिलहाल कोई भी धारणा बनाना मुश्किल है।

2019 में डेढ़ महीने तक चले आम चुनाव में थकान भरी कवायद के बाद परिणाम आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ पहुंचे थे और उन्होंने भगवान शिव का रूद्राभिषेक कर उनकी आराधना की थी।

2019 में आम चुनाव से ठीक पहले देश के लगभग हर मंच पर विपक्षी एकता साफ नजर आ रही थी। इन विपक्षी दलों का सिर्फ और सिर्फ एक मकसद था किसी तरह नरेंद्र मोदी सरकार को सत्ता में दोबारा लौटने से रोकना।