Dr. Harsh Vardhan

नरेंद्र मोदी सरकार 1.0 में सियासी ताज सजने तक पार्टी की कमान भले राजनाथ सिंह के हाथ हो लेकिन सरकार गठन के बाद से पार्टी की कमान अमित शाह के मजबूत हाथों में आ गई।

सरकार के गठन के बाद जिस तरह से ताबड़तोड़ फैसले लिए गए उसने एक साल के मोदी सरकार 2.0 के कार्यकाल में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ और ऊंचा कर दिया।

जहां एक तरफ पूरी दुनिया कोरोनावायरस के कहर से त्राहिमाम कर रही है वहीं नरेंद्र मोदी सरकार की सफल नीतियों और इस दिशा में किए गए पूर्वनियोजित प्रयासों का नतीजा है कि देशभर में इसका कहर वैसा नहीं बरपा है जैसा पूरी दुनिया भारत के बारे में अनुमान लगा रही थी।

पदभार संभालने के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि मुझे पता है कि वैश्विक संकट के समय में मैं इस कार्यालय में प्रवेश कर रहा हूं। अगले 2 दशकों में कई स्वास्थ्य चुनौतियां होंगी। इन चुनौतियों से हम सब मिलकर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि भारत मौजूदा वक्त में कोरोना से दृढ़ संकल्प के साथ लड़ रहा है।

घातक कोरोना संकट के बीच भारत को दुनिया ने एक और बड़ी जिम्मेदारी दी है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को डब्‍ल्‍यूएचओ के एग्जीक्यूटिव बोर्ड का चेयरमैन चुन लिया गया है। जिसका कार्यभार वो 22 मई को संभालेंगे।

इस पहल से ही कोविड-19 की महामारी के कठिन समय में पारदर्शी ई-गवर्नेंस डिलीवरी को सक्षम बनाने और लोगों के प्रश्नों का उत्तर देने में सक्षम हुआ जा सकेगा। इसके माध्यम से लोग कोरोना संक्रमण के बारे में सही समय में सही जानकारी हासिल कर सकेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने देशभर के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। जिसमें देश में कोरोना संक्रमण को रोकने और उस पर अब तक राज्यों के उठाये गए कदमों की समीक्षा की गई।

केन्द्रीय मंत्री ने फीवर वार्ड, न्यू सर्जिकल वार्ड ब्लॉक, पोषण विभाग, विशेष वार्ड, कोरोना स्क्रीनिंग केन्द्र, कोरोना देखभाल यूनिट, आईसीयू और अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। विभिन्न वार्डों के निरीक्षण और विस्तृत जायजे के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सभी विभागों में किए जा रहे कामकाज पर संतोष व्यक्त किया।

कांग्रेस नेता और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा है की देश की अर्थव्यवस्था और कोरोना वायरस से बिगड़ते हालात पर प्रधानमंत्री को ध्यान देना चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा से पहले भारत फिलहाल कोरोनावायरस के संक्रमण से पूरी तरह मुक्त है। देश के अंदर मौजूद भारतीय नागरिकों में कोरोनावायरस का संक्रमण केरल के 3 छात्रों में पाया गया था, लेकिन अब ये तीनों ही छात्र पूरी तरह स्वस्थ है।