DRDO

DRDO successfully test fires its Laser-Guided Anti Tank Guided Missile : सीमा पर चीन (China) से तनातनी के बीच बुधवार को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) को बड़ी कामयाबी मिली है। डीआरडीओ ने लेजर गाइडेड एंटी टैंक मिसाइल (Laser-Guided Anti Tank Guided Missile) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।

क्या भविष्य में होनेवाले युद्ध सच में फिल्मों में दिखाए जानेवाले युद्धों की तरह ही होंगे? तो आपको बता दें कि डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) भविष्य के युद्ध के लिए वैसे ही हथियार बना रहा है।

डीआरडीओ(DRDO) भारत सरकार(Indian Government) के रक्षा मंत्रालय का आर एंड डी विंग है, जो अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी और प्रणालियों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए भारत को सशक्त बनाने की दिशा में काम करता है।

देश में तेजी बढ़ते कोरोना (Coronavirus) संक्रमण के मामले को देखते हुए केंद्र सरकार ने पीएम केयर फंड (PM CARES Fund) से कोरोना अस्पताल बनाने की कवायद तेज कर दी है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने एक घातक हथियार बनाया है जिससे दुश्मनों की शामत आएगी। डीआरडीओ ने कॉम्प्रिहेंसिव एंटी-ड्रोन सॉल्यूशन एंड टेक्नोलॉजी (Comprehensive Anti-Drone Solution and Technology) इजात की है, जो माइक्रो ड्रोन को गिराने में सक्षम है।

भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच, डीआरडीओ ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा की निगरानी के लिए सेना को 'भारत ड्रोन' दिया है।

दिल्ली में कोरोना के कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन यानी DRDO ने 12 दिनों में 1000 बेड वाला कोरोना अस्पताल बनाकर तैयार कर दिया है।

कर्नाटक के एनएम प्रताप आजकल काफी चर्चा में हैं। बता दें कि उन्हें पीएम मोदी द्वारा DRDO साइंटिस्ट नियुक्त किया गया है। कर्नाटक में 21 साल के युवा की कबाड़ से ड्रोन बनाने से लेकर DRDO साइंटिस्ट बनने तक की कहानी काफी दिलचस्प है।

गलवान घाटी में शहीद हुए 20 सैन्‍यकर्मियों को बड़ा सम्मान मिलेगा। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत दिल्‍ली स्थित सरदार वल्‍लभभाई पटेल कोविड अस्‍पताल के अलग-अलग वॉर्डों के नाम गलवान घाटी में शहीद हुए 20 सैन्‍यकर्मियों के नाम पर रखे जाएंगे।

भारतीय वैज्ञानिकों ने मिशन शक्ति से अंतरिक्ष में उपग्रह मार गिराने की क्षमता का सफल प्रदर्शन किया। भारत ने सही मायनों में खुद को अंतरिक्ष की एक बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित कर लिया है।