Earthquake

मिजोरम में रविवार को रिएक्टर पैमाने पर 5.1 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके आसपास के अन्य पूर्वोत्तर राज्यों और म्यांमार की सीमा से लगे इलाकों में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए।

भारत में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इस बार देश के उत्तर और दक्षिणी छोर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इंडियन सिस्मोलॉजी डिपार्टमेंट के अनुसार गुरुवार सुबह हरियाणा और अंडमान निकोबार ​में भूकंप के झटके महसूस हुए।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, राजकोट के उत्तर पश्चिम में 132 किमी दूर रिक्टर पैमाने पर 3.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। जबकि दूसरा भूकंप 4.1 तीव्रता का था, जो अपराह्न् 12.57 बजे इसके उत्तर पश्चिम में उत्तर की ओर 118 किलोमीटर दूर आया।

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने रविवार शाम कच्छ, राजकोट और पाटन के जिला कलेक्टरों को आदेश दिया कि वे राज्य में महसूस किए गए 5.5 तीव्रता के भूकंप के बाद की स्थिति की समीक्षा करें।

भूकंप आने के बाद हलचल तेज हो गई और लोग आधी रात को ही अपने घरों से बाहर निकल आए। राष्‍ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि रिक्‍टर स्‍केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई है।

भूकंप से कश्मीर में पहले बड़े पैमाने पर नुकसान हो चुका है, क्योंकि घाटी अत्यधिक संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है। साल 2005 में 8 अक्टूबर को आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.6 दर्ज की गई थी, इस दौरान 80,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, हरियाणा के गुरुग्राम से 13 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर पश्चिम में कम तीव्रता का भूकंप पैदा हुआ। इसकी गहराई 18 किलोमीटर थी और यह अपराह्न् एक बजे आया।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र(एनसीएस) के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में 12, 13 और 16 अप्रैल को भूकंप के झटके लग चुके हैं। इसी तरह मई में भी भूकंप के झटकों के लगने का सिलसिला जारी रहा। 6, 10, 15 मई और 28 मई को दिल्ली-फरीदाबाद एनसीआर में झटके लगे। इसके बाद 29 मई को दो बार झटके लगे, जिसका केंद्र रोहतक रहा।

बांग्लादेश-भारत सीमा क्षेत्र में आज सुबह 07:10 बजे भूकंप आया जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 थी। हालांकि इसके कारण नुकसान का पता नहीं चल पाया है।

राष्ट्रीय राजधानी और इसके आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार की रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। दिल्ली और आसपास के इलाकों में पिछले एक महीने में चौथी बार भूकंप आया जो पिछले तीनों बार से ज्यादा तीव्रता का था।