Eastern Ladakh

पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन (India & China) के सैनिकों के बीच फिर झड़प हो गई है। इसमें दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे को डराने-धमकाने और पीछे धकेलने के लिए हवा में गोलीबारी की।

भारत और चीन (India and China) के बीच बुधवार को हुई सैन्य वार्ता में कोई समाधान नहीं निकल सका है। सूत्रों ने कहा कि दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत जारी रहेगी।

एक तरफ जहां सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन (India & China) के बीच तनाव बरकरार है। वहीं दूसरी ओर ड्रैगन अब पूरी दुनिया के लिए लगातार मुश्किलें पैदा करने में लगा हुआ है।

भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच, डीआरडीओ ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा की निगरानी के लिए सेना को 'भारत ड्रोन' दिया है।

भारत की तरफ से इस बैठक में शामिल हुए लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया, जो लेह स्थित 14 वीं कोर के कमांडर हैं। जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व मेजर जनरल लियु लिन ने किया, जो दक्षिण शिंजियांग सैन्य क्षेत्र के कमांडर हैं।

गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच 15-16 जून की दरमियानी रात हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे।

सूत्रों के अनुसार, हाल ही के दिनों में चीन और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के बीच कई बैठकें हुईं हैं। इसके बाद ही पाकिस्तान ने पीओके में 20 हजार सैनिक तैनात किए हैं।

जनरल नरवणे ने उच्च मनोबल और साहस के लिए सैनिकों की प्रशंसा की और उन्हें इसी जोश और उत्साह के साथ काम करते रहने के लिए कहा। बता दें कि सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे लद्दाख के दो दिवसीय दौरे पर हैं।

भारत और चीनी सेना के बीच सीमा पर सोमवार को हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए 20 जवानों के नामों की सूची बुधवार को जारी कर दी गई है।आर्मी ने इन शहीदों के नाम की पूरी लिस्ट जारी की है।