EVM

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को दिल्ली में जारी मतगणना के बीच ईवीएम का मुद्दा उठाया है। शुरुआती रुझानों में आम आदमी पार्टी (आप) को बढ़त दिखाई गई है जबकि दूसरे स्थान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस तीसरे स्थान पर है।

आम आदमी पार्टी लगातार ईवीएम का सवाल उठा रही है। वह बार-बार ईवीएम में धांधली की बात कर रही है। यह हाल तब है जब सभी एग्जिट पोल में उसकी ही सरकार दिखाई गई है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अभी वोटिंग हो रही है और नतीजे 11 फरवरी को आने हैं, लेकिन इससे पहले ही कांग्रेसी नेता उदित राज ने ईवीएम का रोना शुरू कर दिया है।

बीजेपी की रणनीति कार्यकर्ताओं और बूथ स्तर के काडर के ज़रिए अपने पक्ष में जमकर मतदान कराना है। कांग्रेस इन चुनावों में एकदम शांत नज़र आ रही है।

भाजपा नेता और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा कि राज्य की मशीनरी ने चुनाव में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस का खुलकर सहयोग किया। इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की जाएगी।

ईवीएम के तकनीकी पक्षों के जानकार एक शख्स ने बताया, 'चुनाव नतीजों के लिए ईवीएम से छेड़छाड़ का दावा करनेवाले लोग कर्नाटक, एमपी और राजस्थान में नतीजों के बाद भी चुप ही थे। हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव नतीजों ने भी साबित कर दिया है कि ईवीएम को टैंपर करने की बात पूरी तरह से गलत है।'

राज ठाकरे ने चुनाव आयोग को देश में चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के बारे में खत लिखा। उन्होंने लिखा, पिछले कुछ साल में देश में अपनाई गई चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम के इस्तेमाल पर कई लोग असंतुष्टि जाहिर कर चुके हैं।

एग्जिट पोल के बाद से ही विपक्ष ईवीएम को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर है। विपक्ष के 21 दलों ने मांग की है कि VVPAT की कम से 50 प्रतिशत पर्चियों का मिलान किया जाए।

एग्जिट पोल्स में हार का सवाल उठते ही विपक्ष ईवीएम को लेकर बवाल मचा रहा है। मामले पर और ज्यादा आक्रामक होते हुए कांग्रेस नेता उदित राज ने सुप्रीम कोर्ट को भी घसीट लिया है। उदित राज ने सर्वोच्च अदालत पर विवादित टिप्पणी करते हुए ट्वीट किया, 'सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं चाहता की वीवीपैट की सारी पर्चियों को गिना जाए। क्या वह भी धांधली में शामिल है।

मनीष सिसोदिया ने झांसी में ईवीएम ट्रांसपोर्ट किए जाने को लेकर ट्वीट किया था। अपने इस ट्वीट में मनीष सिसोदिया ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक विकास योगी के एक ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा, ''झांसी, मेरठ, गाजीपुर, चंदौली, सारन हर जगह मतगणना केन्द्रों पर मशीनें बदली जा रही हैं, लेकिन चुनाव आयोग और तथाकथित मीडिया मोदी के सामने नतमस्तक, आंखों पर पट्टी बांधे घुटनों के बल बैठा है…जनता ने मोदी के खिलाफ वोट दिया है, उसे मीडिया और चुनाव आयोग मिलकर बदल रहे हैं।''