Farmer protest

Farmers Protest: केजरीवाल(Arvind Kejriwal) ने कहा कि, "ये तीन कृषि क़ानून किसानों के लिए डेथ वारंट है। इन क़ानूनों से किसानों की किसानी कुछ पूंजीपतियों के हाथों में चली जाएगी

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पार्टी नेताओं को मार्गदर्शन मिला। बैठक के प्रारम्भ में कोरोनाकाल के दौरान जान गंवाने वाले पार्टी कार्यकतार्ओं को श्रद्धांजलि दी गई।

Farmer Protest: दरअसल आंदोलन को अक्टूबर तक ले जाने को लेकर किसान नेताओं में आपसी सहमति नहीं बन पा रही है। इसी के चलते किसान नेताओं में आपसी मतभेद नजर आ रहे हैं।

Kishan Panchyat in Muzaffarnagar: प्रियंका गांधी(Priyanka Gandhi) ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन करने वाले किसानों का अपमान किया गया। जो किसान अपने बेटों को देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर भेजता है उन्हें अपमानित किया गया।

Toolkit Case : बता दें कि किसानों के विरोध से संबंधित सोशल मीडिया पर 'टूलकिट' साझा करने और संपादित करने के आरोप में दिशा रवि(Disha Ravi) को 13 फरवरी को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था।

Rail Roko Abhiyan: प्रयागराज(Prayagraj) में, किसानों को रेलवे स्टेशन में प्रवेश करने से रोका गया। उन्होंने बाहर सड़क पर खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने बाद में एक जुलूस निकाला गया, जिसमें मांग की गई कि खेत कानूनों को निरस्त किया जाए।

Tara Gandhi Bhattacharya : इस दौरान राकेश टिकैत(Rakesh Tikait) ने मंच से कहा कि, "किसान आंदोलन होगा और चलता रहेगा, चाहे गर्मी हो या बरसात। गर्मियों में बॉर्डर पर जनरेटर लगाए जाएंगे और जिस तरह गांव गांव से पानी आया है, उसी तरह डीजल भी गांव गांव से आएगा।"

Farm Laws: किसानों से कृषि कानूनों को लेकर पीएम मोदी(PM Modi) ने कहा कि, "कानून बनने के बाद किसी भी किसान से मैं पूछना चाहता हूं कि पहले जो हक और व्यवस्थाएं उनके पास थी, उनमें से कुछ भी इस नए कानून ने छीन लिया है क्या?

Farmer Protest: वीरेंद्र सिंह(Virendra Singh) ने कहा, '26 जनवरी को जो कुछ हुआ उसके बाद राकेश टिकैत(Rakesh Tikait) को आंदोलन खत्म कर दिल्ली पुलिस के सामने सरेंडर कर देना चाहिए था। सरकार उन्हें किसान समझ रही है, वो किसान नहीं हैं।

Greta Thunberg: युनाइटेड नेशन्स सस्टेनेबल एनर्जी फॉर ऑल के पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी मोहिंदर गुलाटी ने थनबर्ग को एक पत्र लिखा है। इस पत्र को उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भी प्रेषित किया है।