Farmers Movement

Bollywood:अजय देवगन सुबह लगभग 9 बजे गोरेगांव पूर्व स्थित फिल्म सिटी में अपनी किसी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में जा रहे थे। जहां फिल्म सिटी के गेट से कुछ दूरी पर ही यह घटना घटी। अजय देवगन की कार का रास्ता रोककर खड़ा शख्स उनसे किसान आंदोलन पर अपनी चुप्पी तोड़ने की मांग कर रहा था।

Farmers Law: राज्यसभा में जब किसान आंदोलन और कृषि कानून को लेकर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) बोल रहे थे तो हरियाणा से कांग्रेस के सांसद दीपेंद्र हुड्डा (Dependra Hooda) ने उनपर झूठ बोलने का आरोप लगाया। कुछ देर तक तो कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, सांसद दीपेंद्र भाई..दीपेंद्र भाई का संबोधन कर उन्हें शांत रहने का आग्रह करते रहे और आखिर में नाराज होकर कहा कि कान खोलकर सुनो और अगली बार जब कृषि पर बहस हो तो पढ़कर आना।

देश में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन (Farmers Protest) जारी है। इस पर देश समेत विदेश में भी राजनीति होने लगी। बीते दिनों कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने कृषि कानूनों के खिलाफ बयान दिया था। जिसपर भारत में कड़ा विरोध जताया है।

कृषि कानूनों (Farmers Law) के खिलाफ देश में आज भी किसानों का आंदोलन (Farmers Protest) जारी है। इन तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसान अभी भी दिल्ली-यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर अड़े हुए हैं। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं।

दुनिया की मशहूर पॉप सिंगर रिहाना (pop singer Rihanna) ने भारत में जारी किसान आंदोलन के समर्थन में एक ट्वीट किया है। उनके इस ट्वीट के बाद इंग्लैंड के पूर्व लेफ्ट आर्म स्पिनर मोंटी पनेसर (Former left arm spinner Monty Panesar)ने किसान आंदोलन पर चर्चा के लिए रिहाना को आमंत्रित किया है।

तीनो कृषि कानूनों (Farmers Law) के खिलाफ देश में आज भी किसानों का आंदोलन (Farmers Protest) जारी है। इन तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसान अभी भी दिल्ली-यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर अड़े हुए हैं। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं।

देश में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन जारी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो कृषि कानूनों (Farmers Law) का समर्थन करते हुए इसके फायदे बता रहे हैं।

कृषि कानूनों (Farmers Law) को लेकर किसान लगातार अपना विरोध प्रदर्शन (Farmer Protests) कर रहे हैं। शनिवार को आंदोलन का 66वां दिन है। दिल्ली से सटी सीमाओं पर किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। जिसके चलते टिकरी, गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

संवैधानिक ढंग से ट्रैक्टर परेड करने के लिए किसानों को क्यों नहीं ट्वीट किया, अखिर क्यों दिल्ली जलनी शुरु हो गई तो केजरी बाबू खामोश थे? क्या उनको केवल और केवल राजनीति करना ही पसंद है, वो भी ओधी राजनीति, जिसके न हाथ होते हैं और न पैर होते हैं।

मंगलवार को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में हिंसा हुई। अब सवाल ये उठता है कि ट्रैक्टर रैली से पहले भड़काने का काम किसने किया? हिंसा से पहले किसान नेताओं और दीप सिद्धू की बयानबाजी कितनी जिम्मेदार?