Finance minister

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के 2 घंटे 40 मिनट के लंबे बजट भाषण में अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों को समाहित करते हुए जो प्रस्ताव किए गए हैं, उन्हें बड़ी संख्या में लोगों ने स्वीकृति दी है

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए बजट पेश किया। बजट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशंसा की।

इसके अलावा केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में बजट पेश करते हुए कहा कि वित्तवर्ष 2020-21 में कृषि ऋण का लक्ष्य 15 लाख करोड़ रुपये रखा गया है।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का ये पहला आम बजट है। बजट पेश करने के दौरान पीएम मोदी और गृह मंत्री समेत मोदी सरकार के तमाम मंत्री सदन में उपस्थित रहे।

इसके पहले सरकार की तरफ से आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाता है। ऐसे में यह देखना जरूरी होगा कि क्या आर्थिक सर्वेक्षण जारी होने से भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े सच को उजागर करने में कामयाबी मिल पाएगी या नहीं।

छोटी बचत योजनाओं पर जनवरी-मार्च की तिमाही के लिए ब्याज दर की घोषणा से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त मंत्रालय को सुझाव दिया है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें बाजार दरों के समान हों जिससे बैंकों के हस्तांतरण में सुधार हो।

मौजूदा समय में 2.5 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी टैक्स फ्री है। 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक की आमदनी पर 5 फीसदी की दर से, 5-10 लाख रुपये तक की आमदनी पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी पर 30 फीसदी की दर से टैक्स लगाया जाता है।

प्याज के दाम में वृद्धि को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि प्याज की कीमतें कुछ जगहों पर घटने लगी हैं लेकिन अभी उतनी गिरावट नहीं आई है जितनी की जरूरत है।

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि प्याज की कीमतों पर सरकार की नजर बनी हुई है और देश में प्याज की आवक बढ़ने से कीमतों में धीरे-धीरे सुधार होने लगा है। बारिश के होने के कारण देश में प्याज की नई फसल खराब हो जाने से इसकी कीमतों में भारी इजाफा हो गया है।

सीतारमण ने कहा कि, मैं पूर्व वित्त मंत्री के एक बयान की याद दिलाती हूं। जब कीमतों में उछाल का मुद्दा था। ये मैं 2012 की बात कर रही हूं। महंगाई दर नियंत्रण से बाहर थी।