Galvan Valley

मॉस्को में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और चीनी रक्षा मंत्री के बीच मुलाकात चीनी प्रशासन के अनुरोध पर हुई है।

पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) की गलवान वैली (Galwan Vellay) में 15 जून को भारत-चीन (India-China Rift) के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। जिसके बाद से ही चीन (China) ये बात छुपाता रहा है कि इस संघर्ष में उसके कितने जवान शहीद हुए हैं।

हरियाणा (Haryana) के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar lal Khattar) ने शनिवार को यहां 74 वें स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) पर राष्ट्रीय ध्वज (National Flag) फहराया और लद्दाख में सेना के जवानों को उनकी बहादुरी के लिए श्रद्धांजलि दी।

वैसे तो चीन का भारत के साथ सीमा-विवाद कोई नई और अनोखी बात नहीं है। डोकलाम प्रकरण भी पुरानी बात नहीं है। मगर पिछले कुछ वर्षों में भारत द्वारा अपने सीमाई क्षेत्रों में सड़क, पुल, मोबाइल टॉवर और हवाई पट्टी आदि के निर्माण में विशेष तेजी दिखाई गई है।

सीमा विवाद के बीच अब चीन बैकफुट पर आ गया है। गलवान घाटी, हॉट स्प्रिंग्स इलाके को वह पहले ही खाली कर चुकी थी। अब चीनी सेना ने गुरुवार को गोगरा इलाके को भी खाली कर दिया है।

गलवान घाटी के बाद चीन और भारत में तनाव जारी है। ऐसे में कहा जा रहा है कि भारत के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने रविवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से इस मामले पर वीडियो कॉल पर बातचीत की।

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों ने 15 जून 2020 को भारतीय सैनिकों पर हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में सीमा की रक्षा करते हुए 20 बहादुर सैनिक शहीद हो गए। इस तारीख को इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए याद रखा जाएगा। इस घटना पर वहां के एक स्थानीय कवि फुंसुक लद्दाखी ने कविता सुनाई है।

गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प को लेकर भारत-चीन के बीच सीमा विवाद जारी है। जिसके बाद देश में चीन के खिलाफ जमकर विरोध हुआ। देश में चीन के सामान के बहिष्कार की मांग उठने लगी जिसके बाद सरकार ने 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया। अब इस विरोध की चिंगारी अमेरिका तक पहुंच गई है।

गलवान घाटी में शहीद हुए 20 सैन्‍यकर्मियों को बड़ा सम्मान मिलेगा। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत दिल्‍ली स्थित सरदार वल्‍लभभाई पटेल कोविड अस्‍पताल के अलग-अलग वॉर्डों के नाम गलवान घाटी में शहीद हुए 20 सैन्‍यकर्मियों के नाम पर रखे जाएंगे।

अभिनेता-निर्माता अजय देवगन लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों पर किए गए हमले के आधार पर एक फिल्म बनाने की घोषणा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।