Ghulam Nabi Azad

One Nation-One Election: अंदरूनी सूत्रों ने बताया है कि आयोग ने संदेश दिया कि 2024 के चुनावों के लिए 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' लागू करना फिलहाल संभव नहीं है। हालाँकि, आवश्यक संवैधानिक संशोधनों के आधार पर इसे संभावित रूप से 2029 में लागू किया जा सकता है।

Ghulam Nabi Azad: पिछले साल कांग्रेस पार्टी से अलग होने के बाद गुलाम नबी आजाद ने डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) का गठन किया था. उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, कुछ लोगों का कहना है कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आदेश पर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में लौट आए हैं।

'One Nation, One Election' : आज पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें सभी गणमान्य शामिल हुए। सभी ने एक देश एक चुनाव को लेकर अपनी राय साझा की। सभी की राय का स्वागत किया गया। बता दें कि एक देश एक चुनाव को लेकर यह पहली बैठक थी।

One Nation One Election: "एक राष्ट्र, एक चुनाव" पहल हाल के दिनों में काफी बहस और विचार-विमर्श का विषय रही है। इसका अंतर्निहित आधार शासन के विभिन्न स्तरों के चुनावी कैलेंडर को सिंक्रनाइज़ करना है, जिससे चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सके और चुनावों की आवृत्ति कम हो सके।

One Nation, One Election: सूत्रों के मुताबिक कमेटी की इसी बैठक में चर्चा इस बात पर हो सकती है कि 2018 में लॉ कमिशन की रिपोर्ट थी। उसमें क्या कहा गया था। इसके बाद तमाम सियासी दल का क्या रुख रहा है और 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की दिशा में आगे बढ़ना है। उस पर कैसे आम सहमति बनने की जरूरत है किस तरह से संविधान में बदलाव होगा। इन तमाम पहलुओं पर चर्चा शुरू हो सकती है। 

One Nation One Election: अब अधीर रंजन चौधरी ने एक देश एक चुनाव कमेटी में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में कहा कि मुझे कमेटी में शामिल होने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मुझे डर है कि सरकार इस कदम से लोगों को धोखा ना दें।

Sonia Gandhi: अचानक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया। कांग्रेस (Congress) सूत्रों की तरफ से जानकारी मिली है कि उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में ही भर्ती कराया गया है। अब सोनिया गांधी की हेल्थ का अपडेट सामने आया है।

One Nation One Election: अब कांग्रेस इस समिति में गुलाम नबी आजाद की मौजूदगी को पचा नहीं पा रही है। देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की तरफ से समीति में आजाद की मौजूदगी पर सवाल उठाए गए हैं...

Mehbooba Mufti: इस बयान पर अलग-अलग हलकों से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आई हैं, कुछ लोग गुलाम नबी आजाद के इस बयान को लेकर उनकी तारीफ कर रहे हैं तो कुछ लोग इसको लेकर तमाम सवाल भी खड़े कर रहे हैं।

पहली बार ऐसा हुआ है, जब किसी बड़े और दिग्गज मुस्लिम नेता ने साफ-साफ कहा है कि भारत में रहने वाले मुस्लिमों के पूर्वज पहले हिंदू थे और बाद में धर्मांतरण कर वे मुसलमान बने। इससे पहले गुलाम नबी आजाद कह चुके हैं कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को 370 के रद्द होने को भुलाकर आगे की राह चुननी चाहिए।

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