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महालक्ष्मी सदैव भगवान विष्णु की सेवा में लगी रहती हैं, शास्त्रों में जहां-जहां विष्णु और लक्ष्मी का उल्लेख आता है वहां लक्ष्मी श्री हरि के चरण दबाते हुए ही बताई गई हैं।

इसके बाद रथकार एवं उसकी पत्नी ने अमावस्या को भगवान विश्वकर्मा की पूजा की, जिससे उसे धन-धान्य और पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई और वे सुखी जीवन व्यतीत करने लगे। उत्तर भारत में इस पूजा का काफी महत्व है।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी का दिन भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है इसलिए उनकी कृपा पानी है तो श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर इन आसान उपायों को आज़माइए। फिर देखिए कैसे भगवान श्रीकृष्ण की कृपा आप पर बरसती है और किस तरह से आपकी समस्त मनोकामनाएं हकीकत में तब्दील होती हैं।

हरे रंग के श्रीगणेश की पूजा करने से ज्ञान व बुद्धि की वृद्धि होती है। विद्यार्थियों को विशेषतौर पर हरे रंग की श्रीगणेश की मूर्ति या तस्वीर का पूजन करना चाहिए।

भारतीय समाज में कुलदेवता या कुलदेवी का अपना अलग ही महत्व है। लोग भगवान के पूजन-अर्चना के अलावा विशेष कर अपने कुलदेवता या कुलदेवी की पूजा करते है।

12 आदित्य, 8 वसु, 11 रुद्र और इन्द्र व प्रजापति को मिलाकर कुल 33 देवता होते हैं। कुछ विद्वान इन्द्र...

नई दिल्ली। असम सरकार में वित्त और स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्व शर्मा ने हैदराबाद में भारतीय जनता युवा मोर्चा के...

मनीला। फिलीपींस के राष्ट्रपति रॉड्रिगो दुतेर्ते ने ईश्वर को मूर्ख कह कर नया विवाद खड़ा कर दिया है, जहां बड़े...