GST

कोरोना महासकंट के बीच कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने जीएसएटी (GST) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सरकार की आलोचना की।

केंद्र सरकार के प्रति हमलावर रुख जारी रखते हुए कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने जीएसएटी (GST) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सरकार की आलोचना की है।

पिछले महीनों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लागू किए राष्ट्रव्यापी बंद के बाद आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ गई थीं और जीएसटी संग्रह अपने निम्न स्तर पर पहुंच गया था।

आर्थिक मंदी के आरोप झेल रही केंद्र सरकार को राहत प्रदान करते हुए जनवरी 2020 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह 1,10,828 करोड़ रुपये हुआ। इसकी सालाना वृद्धि 8.12 प्रतिशत है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार देशभर में बड़े शॉपिंग फेस्टिवल आयोजित करने की योजना बना रही है, जिसमें सीएआईटी को भी शामिल किया जाएगा, ताकि व्यापारियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के अधिक अवसर मिल सकें।

मोबाइल फोन निर्माताओं के निकाय इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईसीईए) ने शुरुआती स्तर के मोबाइल हैंडसेट्स के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर को मौजूदा 12 फीसदी से कम कर पांच फीसदी करने की मांग की है।

केंद्र सरकार की गंभीरता का पता इसी बात से चलता है कि उसकी ओर से सभी राज्यों के जीएसटी कमिश्नरों को पत्र लिखकर जीएसटी रेवेन्यू बढ़ाने को लेकर राज्यों से सुझाव मांगे गए हैं।

चालू वित्तवर्ष के बीते कुछ महीनों में जीएसटी संग्रह उम्मीद से कम होने के कारण केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने जोनल कार्यालयों से रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों से सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है।

पवन खेड़ा ने कहा-उपभोक्ता खर्च में गिरावट के लिए नोटबंदी और जीएसटी जिम्मेदार

इन रिपोर्ट्स में कहा गया था कि अगर किसी ऑर्गनाइजेशन का सीईओ 5 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष कमाता है तो यह रकम उसके हेड ऑफिस के लिए लागत होगी। इस लागत पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया जाएगा।