GST

वाहन दिग्गज टाटा मोटर्स ने भी अपने इलेक्ट्रिक वाहन (इवी) टिगोर इवी की कीमतों में जीएसटी कटौती के बाद 80,000 रुपये तक की कमी की थी।

यह कटौती इलेक्ट्रिक (ईवी) सेक्टर को और बढ़ावा देने में मदद करेगी। पांच जुलाई को पेश किए गए बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए ऋण के ब्याज में 1.5 लाख रुपये की आयकर कटौती का प्रस्ताव रखा था।

इनमें नया रिटर्न सिस्टम, कैश लेजर सिस्टम (नकद खाता प्रणाली) को तर्कसंगत बनाना और सिंगल रिफंड-डिस्बर्सिंग मैकनिज्म समेत दूसरी कई चीजें शामिल हो सकती हैं।

वर्ष 2017-18 प्रथम वर्ष होने के नाते रिटर्न में संशोधन किए गए। वर्ष 2017-18 का वार्षिक र्टिन जीएसटीआर-9 जिसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2018 तक जमा करने की थी।

जीएसटी काउंसिल ने रीयल एस्टेट के क्षेत्र में जीएसटी की दर को नरम बनाने के लिए बिल्डरों को 1 अप्रैल, 2019 से इनपुट टैक्स छूट के बिना आवासीय इकाइयों पर 5 प्रतिशत एवं सस्ते मकानों पर 1 प्रतिशत की दर से जीएसटी लेने की अनुमति दे दी थी।

जीएसटी काउंसिल ने एक ट्वीट में कहा कि, "आवासीय अचल संपत्ति परियोजना के लिए पुरानी जीएसटी दरों (आईटीसी के साथ 8 फीसदी या 12 फीसदी) या फिर नई जीएसटी दरों (बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ 1 फीसद या 5 फीसद) के विकल्प का उपयोग करने की तारीख को 10 मई से बढ़ाकर 20 मई 2019 किया जा रहा है।"

यदि किसी घर खरीदार ने पिछले फाइनेंसियल इयर में बुक कराया गया फ्लैट निरस्त कराया है तो बिल्डर को उस फ्लैट पर किये गये माल एवं सेवाकर यानि की (जीएसटी) भुगतान का रिफंड करना होगा।

हाल ही में जीएसटी परिषद ने बैठक में इस मामले में फैसला लिया है। साथ ही बिल्डरों को पहले से चल रही निर्माणाधीन आवासीय परियोजनाओं के मामले में पुरानी और नई कर दरों में से किसी एक को चुनने का एक बारगी विकल्प दिया गया है।

अंडरकंस्ट्रक्शन फ्लैटों पर मौजूदा 12% की जगह 3% और 5% जीएसटी चार्ज करने की मंत्री समूह की सिफारिश से रियल एस्टेट सेक्टर पर टैक्स का बोझ तो घटेगा, लेकिन रियल्टर्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ छिन जाना खटक रहा है।

जीएसटी परिषद ने 24 फरवरी की पिछली बैठक में किफायती दर के निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी दर को घटा कर एक फीसदी कर दिया था।