GST

हाल ही में जीएसटी परिषद ने बैठक में इस मामले में फैसला लिया है। साथ ही बिल्डरों को पहले से चल रही निर्माणाधीन आवासीय परियोजनाओं के मामले में पुरानी और नई कर दरों में से किसी एक को चुनने का एक बारगी विकल्प दिया गया है।

अंडरकंस्ट्रक्शन फ्लैटों पर मौजूदा 12% की जगह 3% और 5% जीएसटी चार्ज करने की मंत्री समूह की सिफारिश से रियल एस्टेट सेक्टर पर टैक्स का बोझ तो घटेगा, लेकिन रियल्टर्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ छिन जाना खटक रहा है।

जीएसटी परिषद ने 24 फरवरी की पिछली बैठक में किफायती दर के निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी दर को घटा कर एक फीसदी कर दिया था।

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स (GST) काउंसिल की 34 वीं बैठक मंगलवार को होने वाली है।

प्रॉपर्टी में जीएसटी लागू करने का अधिकार राज्यों को मिलना चाहिए ताकि इसका सही फायदा ग्राहकों और बिल्डरों को मिल सके।

अंडर-कंस्ट्रक्शन मकानों पर जीएसटी की दरों में भारी कटौती की गई है। लेकिन बावजूद इनकी कीमतों में बहुत ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं की जा रही है

19 मार्च को होने वाली जीएसटी कांउसिल की बैठक को चुनाव आयोग की तरफ से मंजूरी मिल गई है। आचार संहिता लागू होने के बाद इस बैठक के लिए चुनाव आयोग की मंजूरी थी।

जीएसटी काउंसलि की 20 फरवरी को बैठक हो सकती है। इस बैठक में रियल एस्टेट सेक्टर को तोहफा मिल सकता है। काउंसिल की बैठक में सीमेंट पर कर की दर को 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने पर चर्चा होगी।

माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद द्वारा गठित मंत्रियों का समूह (जीओएम) निर्माणाधीन आवासीय परियोजनाओं के मकानों पर इस कर की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने के पक्ष में है।

केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार लोकसभा में साल 2019-20 का अंतरिम बजट पेश किया। इस बजट में गरीब, किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग और रक्षा के साथ कई और क्षेत्रों में लोगों को राहत पहुंचाने का काम किया गया है।